यूपीएससी 2020 – 21 | UPSC Online Form | सिविल सेवा परीक्षा Notification, Exam Date

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा

यह एक ख्वाब की तरह है। अफसर कौन नहीं बनना चाहता। कुछ अपने सपने को साकार कर लेते हैं तो कुछ के लिए यह एक सपना हो जाता है। बात जब यूपीएससी की परीक्षाओं की होती है तो लोग कुछ इसी तरह के तर्क देते हैं। हालांकि जीत उनकी जरूर होती है, जो कड़ी मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई में जुटे रहते हैं। इस आर्टिकल में इन्हीं पहलुओं को साझा किया जाएगा। यूपीएससी क्या है। इसके लिए कौन पात्र हैं, यूपीएससी किन परीक्षाओं का आयोजन करता है और उनका पैटर्न क्या है? इस तरह के तमाम सवाल उन युवाओं के जेहन में रहते हैं, जो परीक्षा की तैयारी करने का मन बना रहे होते हैं। अगर आप भी इसकी तैयारी के बारे में सोच रहे हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है।

यूपीएससी का फुल फार्म

यूपीएससी का फुल फार्म संघ लोक सेवा आयोग है। यूपीएससी भारत में सिविल सर्विसेज, एनडीए, सीडीएस, एससीआरए सहित करीब 24 बड़े पदों के लिए अलग-अलग परीक्षाओं का आयोजन करता है। भारत में अलग-अलग राज्यों में परीक्षाएं होती हैं, जिनमें हर साल लाखों अभ्यर्थी शामिल होते हैं। भर्ती प्रक्रिया के साथ यूपीएससी की ओर से गाइडलाइंस भी जारी किया जाता है।

यूपीएससी का गठन

यूपीएससी यानी संघ लोक सेवा आयोग का गठन एक अक्तूबर 1926 को हुआ था। 26 अक्तूबर 1950 को लोक सेवा आयोग का पुनर्निमाण हुआ। इसका नाम संघ लोक सेवा आयोग कर दिया गया। यूपीएससी को स्वायत्ता प्रदान की गई है, ताकि यह बिना दबाव योग्य कर्मचारियों की भर्ती कर सके। आयोग सीधे राष्ट्रपति के प्रति जवाबदेह है।

केंद्र शासित राज्यों के लिए परीक्षाएं

यूपीएससी यानी संघ लोक सेवा आयोग केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भी परीक्षाओं का आयोजन करता है। संघ की ओर से एक साल में विभिन्न पदों के लिए दो बार परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है। इसका मकसद केंद्रीय या प्रदेशीय विभागों में खाली पड़े कर्मचारियों के पदों को भरना है।

यूपीएससी की मुख्य परीक्षाएं

  • सिविल सेवा परीक्षा
  • इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा
  • संयुक्त चिकित्सा सेवा परीक्षा
  • संयुक्त रक्षा सेवा परीक्षा
  • राष्ट्रीय रक्षा अकादमी सेवा परीक्षा
  • नौसेना अकादमी परीक्षा
  • भारतीय वन सेवा परीक्षा
  • भारतीय आर्थिक सेवा परीक्षा
  • भारतीय सांख्यिकीय सेवा परीक्षा
  • संयुक्त सशस्त्र पुलिस बल
  • अनुभाग अधिकारी-आशुलिपिक परीक्षा

यूपीएससी के लिए पात्रता

यूपीएससी जिन परीक्षाओं का आयोजन करता है, उन सभी परीक्षाओं में हिस्सा लेने के लिए अभ्यर्थियों का भारतीय नागरिक होना जरूरी है। आईएएस और आईपीएस जैसी देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं के लिए भी भारतीय नागरिक होना जरूरी है। परीक्षाओं में नेपाल और भूटान जैसे देशों के नागरिक भी हिस्सा ले सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें भारत सरकार की अनुमति लेना जरूरी है।

शैक्षणिक योग्यता

संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में वही अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं, जिनके पास किसी भी मान्यतप्राप्त विश्वविद्यालय या फिर कॉलेज से स्नातक की डिग्री है। इसके समकक्ष डिग्री रखने वाले अभ्यर्थी यूपीएससी की परीक्षाओं के लिए योग्य माने जाते हैं। परीक्षाओं में प्रवेश आयोग के नियमानुसार ही मिलेगा। कमीशन ने इसके लिए अपनी ऑफीशियल वेबसाइट पर पूरी डिटेलिंग की है।

परीक्षाओं के लिए आयु सीमा

1-यूपीएससी यानी संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में शामिल होने के लिए सामान्य नागरिकों की उम्र कम से कम 21 और ज्यादा से ज्यादा 32 साल होना चाहिए।

2-एससी और एसटी वर्ग से जुड़े छात्रों को इसमें पांच साल की छूट प्रदान की गई है।

3- पिछड़ा वर्ग में शामिल अभ्यर्थियों के लिए तीन साल की छूट का प्रावधान है। दूसरे आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए भी उम्र में छूट का प्रावधान है।

4-अभ्यर्थियों को उम्र में छूट का लाभ हासिल करने के लिए जाति प्रमाणपत्र दिखाना होगा।

परीक्षा में शामिल होने के अवसर

यूपीएससी से जुड़ी परीक्षाओं के लिए अलग-अलग टर्म है। सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए चार मौके हैं, जबकि ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को सात मौके प्रदान किए गए हैं। अन्य यानी एससी और एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए असीमित मौके हैं। इसी तरह परीक्षाओं को तीन हिस्सों में बांटा गया है। प्रिलिम्स और मुख्य परीक्षा के साथ साक्षात्कार का आयोजन भी किया जाता है। अभ्यर्थियों को दोनों लिखित परीक्षाओं में अपनी योग्यता साबित करने के साथ साक्षात्कार के लिए भी अपनी योग्यता सिद्ध करना होता है।

एग्जाम पैटर्न

1-संघ लोक सेवा आयोग की ज्यादातर परीक्षाएं आमतौर पर तीन चरणों में आयोजित की जाती है।

2-पहले दो चरणों की परीक्षाएं लिखित आधार पर आयोजित की जाती है। आखिरी चरण की परीक्षा साक्षात्कार आधारित होती है।

3-प्रिलिम्स परीक्षा में दो पेपर होते हैं। दोनों पेपर 200-200 अंकों पर आधारित होते हैं।

4-अभ्यर्थियों को इसके लिए दो घंटे का समय दिया जाता हे। अतिरिक्त समय के रूप में बीस मिनट दिए जाते हैं। 

5-पेपर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में सेट किए जाते हैं। अभ्यर्थी अपने हिसाब से भाषा का चयर कर सकते हैं।

मुख्य परीक्षा

प्रिलिम्स परीक्षा पास करने के बाद अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए चयनित किया जाता है। यह परीक्षा कुल 2025 अंकों पर आधारित होती है, जिसके लिए अलग-अलग पेपर बनाए जाते हैं। पेपर आमतौर पर 300-300 के साथ 250-250 अंकों पर आधारित होते हैं। मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों का चयन साक्षात्कार के लिए किया जाता है।

सिलेबस क्या हे

संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं की तैयारी के लिए अभ्यर्थियों को भारतीय आंदोलनों का इतिहास, भारतीय राजनीति और सरकार, आर्थिक और सामाजिक विकास, नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर करंट अफेयर्स, जैविक भिन्नता, परिस्थितिक तंत्र जैसे विषयों की जानकारी अच्छी तरह होनी चाहिए। संचार और पारंपरिक कौशल, रीजनिंग, समस्या समाधान क्षमता, मानसिक क्षमता और प्राथमिक गणित जैसे विषयों पर भी अच्छी पकड़ होनी चाहिए। साक्षात्कार में सामान्य ज्ञान से जुड़े सवाल तो पूछे जाते ही हैं, अभ्यर्थियों के कौशल और उनकी मानसिक स्थिति का आकलन भी किया जाता है।

तैयारी के लिए क्या करें

अगर आप भी यूपीएससी की परीक्षाओं में शामिल होना चाहते हैं तो कड़ी मेहनत करना होगा। उचित मार्गदर्शन, बेहतर नजरिया और स्मार्ट एप्रोच के साथ परीक्षा में कामयाबी हासिल की जा सकती है। भारत के अलग-अलग राज्यों में इसके लिए ढेर सारी अकादमी यानी कोचिंग मौजूद हैं। यहां यूपीएससी से जुड़ी अलग-अलग परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। आप भी किसी बेहतर अकादमी का चयन कर सकते हैं।

प्रदर्शन के लिए सर्च करें

अगर आप यूपीएससी की तैयारी के लिए कोचिंग ज्वाइन करना चाहते हैं तो पहले अकादमी के प्रदर्शन के बारे में अच्छी तरह जान लें। किस अकादमी का प्रदर्शन बेहतर है इसके लिए इंटरनेट की मदद ले सकते हैं। इंटरनेट पर सर्च करने के साथ ही अगर आपकी फ्रेंड सर्किल में कोई पहले से ही इसकी तैयारी कर रहा है, तो उससे भी मालूम कर सकते हैं। गांव, समाज, मुहल्ले में अगर किसी ने यूपीएससी की परीक्षाओं को बीट किया है तो उनसे भी संपर्क साध सकते हैं। कुल मिलाकर बेहतर कोचिंग का चयन जरूरी है।

टाइम टेबल बनाएं

यूपीएससी की परीक्षा पास करने के लिए आपको टाइम टेबल सेट करना होगा। इसके लिए बाकायदा स्टडी शेड्यूल तय करें। दिनभर में कितने घंटे पढ़ाई करना है, इसे फिक्स करना होगा। कुछ छात्र इसके लिए छह घंटे तो कुछ आठ घंटे तक पढ़ाई करते हैं। यह आपकी योग्यता और मेंटल लेवल पर निर्भर है। अगर आप चीजों को जल्दी समझ लेते हैं तो यह आपके लिए अच्छा है। आपका वक्त बच सकता है। अगर चीजें देर में समझ में आती हैं, तो फिर ज्यादा से ज्यादा समय तक पढ़ाई करना होगा। कुल मिलाकर मेहनत ही आपका हथियार है।

रीजनिंग, अंग्रेजी पर भी ध्यान दें

अगर आप यूपीएससी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं तो आपको बुनियादी विषयों पर भी ध्यान देना होगा। इसमें रीजनिंग और अंग्रेजी के साथ बेसिक मैथ्स भी शामिल है। रीजनिंग को ठीक करने के लिए आप मैग्जीन से लेकर अखबार तक पढ़ सकते हैं। हिंदी और अंग्रेजी दोनों अखबारों को पढ़ने की आदत डालें। दोनों अखबारों में अलग-अलग तरह की खबरें छपती हैं, जो आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं। इसी तरह आप इंटरनेट का सहारा भी ले सकते हैं।

इंग्लिश के लिए क्लास करें

अगर आप अंग्रेजी में कमजोर हैं तो इसे ठीक करने की जरूरत है। यूपीएससी की ज्यादातर परीक्षाओं में अंग्रेजी का रोल यानी अहम भूमिका है। शब्दों का ज्ञान होने के साथ ही ग्रामर पर भी पकड़ होनी चाहिए। आप इसके लिए अलग से क्लास ज्वाइन कर सकते हैं। अंग्रेजी के लिए ढेर सारी कोचिंग चल रही हैं। तीन महीने से लेकर छह महीने तक के कोर्स हैं। आपको जो सूट करें, उसे ज्वाइ कर सकते हैं। अंग्रेजी सीखना या समझना कोई मुश्किल बात नहीं है।

कहां होती है तैनाती

अब सवाल यह है कि यूपीएससी क्लियर करने के बाद आपको नौकरी कहां मिलेगी। यूपीएससी क्लियर करने के बाद आपको केंद्रीय और प्रदेशीय दोनों तरह के सरकारी विभागों में तैनाती मिल सकती है। यह परीक्षा पर निर्भर है। अगर आप सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे हैं तो परीक्षा पास करने के बाद ग्रेड ए की श्रेणी में शामिल होंगे। आप कलेक्टर से लेकर सचिव के पदों पर जा सकते हैं। यानी परीक्षा पास करने के हिसाब से ही आपकी तैनाती की जाएगी।

Mohd Razi
Categories UPSC

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