थर्ड पार्टी इन्शुरन्स (बीमा) क्या होता है | Third Party Insurance Explained in Hindi

Third Party Insurance

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के कई फायदे हैं। जिस व्यक्ति के नाम से बीमा है, उसे तो इसका फायदा मिलता ही है, यह सड़क हादसे में घायल दूसरे व्यक्ति को भी लाभांवित करता है। हालांकि भारत में ज्यादातर लोग थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के प्रति लापरवाही बरतते हैं, जिसकी वजह से उन्हें जरूरत पड़ने पर इसका खामियाजा भी उठाना पड़ता है। इस आर्टिकल में थर्ड पार्टी इंश्योरेंस (Third Party Insurance) के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। इससे जुड़े हर पहलु को साझा किया जाएगा। पूरी जानकारी हासिल करने के लिए आर्टिकल को आखिरी तक पढ़ें।

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थर्ड पार्टी इन्शुरन्स (बीमा)कराना गाड़ी खरीदने पर अनिवार्य है

अगर आप दो पहिया या फिर चार पहिया वाहन खरीदते हैं तो आपको थर्ड पार्टी बीमा करवाना होगा। बाइक हो, स्कूटर, कार या फिर कामर्शियल वाहन, थर्ड पार्टी बीमा सभी के लिए अनिवार्य है। मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के तहत थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के बिना किसी भी तरह की गाड़ी चालाना एक तरह का अपराध है। इसमें सजा का प्रावधान है। जुर्माना भी वसूला जाता है।

गाड़ी खरीदने पर कितने साल का बीमा कराना जरूरी है

मोटर व्हीकल एक्ट के तहत थर्ड पार्टी बीमा करवाना तो जरूरी है ही, न्यायालय भी इसके प्रति गंभीर है। न्यायालय के एक आदेश के मुताबिक दो पहिया वाहन मालिकों के लिए पांच साल का थर्ड पार्टी बीमा अनिवार्य है। जबकि कार या कामर्शियल वाहन स्वामियों के लिए कम से कम 3 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कराना जरूरी है। एक्ट में संशोधन भी किया गया है, जिसके तहत अगर किसी व्यक्ति के पास थर्ड पार्टी बीमा नहीं है और वह गाड़ी चला रहा है तो पकड़े जाने पर जुर्माने के रूप में उससे 2 हजार रुपये वसूल किए जाएंगे। जुर्माना की रकम बढ़ाने का मकसद यही है कि लोग इसके प्रति गंभीर हो जाएं।

थर्ड पार्टी इन्शुरन्स (बीमा) किसके माध्यम से होता है

भारत में बड़ी संख्या में इंश्योरेंस कंपनियां हैं, जो थर्ड पार्टी बीमा करती हैं। जब कोई व्यक्ति नई स्कूटर, बाइक, कार या फिर कामर्शियल गाड़ी खरीदता है तो उसके लिए बीमा करवाना जरूरी हो जाता है। बीमा कराने की सुविधा आमतौर पर गाड़ियों के शोरूम में ही मिल जाती है। कंपनियों के एजेंट शोरूम में पहुंचकर ही थर्ड पार्टी बीमा कर देते हैं। हालांकि कई बार ऐसा भी होता है कि लोगों को बीमा कंपनियों के दफ्तर में पहुंचकर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस करवाना पड़ता है। एजेंट घरों पर पहुंचकर भी बीमा की सुविधा देते हैं।

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Third Party Insurance के तहत मुआवजा दिया जाता है

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस का संबंध आमतौर पर सड़क दुर्घटना के साथ है। अगर किसी व्यक्ति की सड़क हादसे में मौत हो जाती है, तो कंपनियां उसके परिवार वालों को मुआवजा देती हैं। सड़क हादसों में घायल होने वाले व्यक्ति को भी मुआवजा दिया जाता है। यही नहीं, गाड़ी पर पीछे बैठे व्यक्ति को भी गंभीर या मामूली चोट लगने पर मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। कंपनियां अपने क्लॉज में इन चीजों को दर्शाती हैं। थर्ड पार्टी बीमा कराते वक्त कंपनियों के क्लॉज को पढ़ लेना चाहिए।

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के तहत गाड़ियों और घरों के नुकसान की भरपाई

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कई मायने में लाभदायक है। कंपनियां इसके तहत सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को तो मुआवजा देती ही हैं, गाड़ियों को पहुंचने वाले नुकसान की भरपाई भी की जाती है। यही नहीं, घरों, दीवारों, संपत्ति या किसी तरह के सामान को नुकसान पहुंचने पर भी मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। जरूरी आपैचारिकताएं पूरी करने के बाद कंपनियां संबंधित व्यक्ति को चेक के जरिए पेमेंट करती हैं।

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Third Party Insurance ऑनलाइन हासिल कर सकते हैं

अगर आपको थर्ड पार्टी बीमा करवाना है तो आपको इसके लिए कंपनी के दफ्तर जाने या फिर उसके एजेंट को घर बुलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ज्यादातर कंपनियां ऑनलाइन बीमा करवाने की सुविधा प्रदान कर रही हैं। कंपनियों की ऑफीशियल वेबसाइट पर विजिट कर थर्ड पार्टी बीमा कराया जा सकता है। वेबसाइट पर बीमा से संबंधित पूरी डिटेल मौजूद रहती है। लोग इसके लिए ऑनलाइन पेमेंट भी कर सकते हैं।

थर्ड पार्टी इन्शुरन्स (बीमा) महंगा क्यूँ पड़ रहा है

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अब महंगा पड़ रहा है। बीमा नियामक आईआरडीएआई ने वाहनों की कुछ कैटिगरी के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के प्रीमियम में करीब 20 फीसदी की बढ़ोतरी की है, जो आम लोगों पर भारी पड़ रही है। 1 हजार सीसी से कम क्षमता वाली छोटी कारों का प्रीमियम 2072 रुपये हो गया है। इसमें करीब 12 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। इसी तरह 1500 सीसी वाहनों का बीमा प्रीमियम करीब 3221 रुपये हो गया है। इसमें भी करीब 12 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है।

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दो पहिया वाहनों का प्रीमियम भी बढ़ा

छोटी कारों और कामर्शियल व्हीकल के साथ दो पहिया वाहनों का प्रीमियम भी काफी बढ़ गया है। 75 सीसी से कम क्षमता वाले वाहनों का बीमा कराने के लिए लोगों को अब प्रीमियम के रूप में 482 रुपये देना पड़ रहा है। जबकि 150 सीसी तक क्षमता वाले वाहनों का बीमा कराने के लिए प्रीमियम के रूप में 752 रुपये का भुगताना करना पड़ रहा है। इसी तरह 350 सीसी क्षमता वाले दो पहिया वाहनों के लिए 1193 रुपये देने पड़ रहे हैं। इसमें करीब 21 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है।

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Munendra Singh

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