एसएससी भर्ती 2020 – 21 | Upcoming SSC Exam Notification, परीक्षा तिथि | ऑनलाइन फॉर्म

एसएससी भर्ती परीक्षा

भारत में हर साल लाखों अभ्यर्थी एसएससी की तैयारी करते हैं। उनका सपना सरकारी विभागों में नौकरी हासिल करना तो है ही, वे स्टेट गवर्नमेंट की बजाय केंद्रीय विभागों को तरजीह भी देते हैं। एसएससी क्या है, हर साल कितने लोग इसकी परीक्षाओं में बैठते हैं, परीक्षाओं की तैयारी के लिए किस विषय-वस्तु का चयन किया जा सकता है? इससे जुड़ी हर जरूरी जानकारी “आपके” साथ साझा की जाएगी। पैटर्न और सिलेबस के बारे में भी बताया जाएगा। आर्टिकल पर अंत तक बने रहें।

एसएससी का फुल फार्म

एसएससी का फुल फार्म स्टाफ सेलेक्शन कमीशन है। हिंदी में इसे कर्मचारी चयन आयोग कहा जाता है। यह एक सेलेक्शन बॉडी है, जो केंद्र के अधीन है। आयोग का काम केंद्रीय विभागों के लिए “बी” और “सी” श्रेणी के कर्मचारियों का चयन करना है। परीक्षा का आयोजन प्रदेश स्तर पर किया जाता है। इसके लिए सभी प्रदेशों में कर्मचारी चयन आयोग की स्थापना की गई है।

कब हुई स्थापना

एसएससी यानी कर्मचारी चयन आयोग की स्थापना 1977 में हुई थी। आयोग का काम परीक्षा का सफल आयोजन तो कराना है ही, योग्य उम्मीदवारों को केंद्र के अलग-अलग विभागों में नियुक्त करना भी है। परीक्षार्थी अपनी योग्यता और आयोग के तय नियमों के अनुसार एसएससी की परीक्षाओं में हिस्सा ले सकते हैं। परीक्षा के सफल आयोजन के लिए प्रदेश सरकारों की मदद भी ली जाती है।

एसएससी की परीक्षाएं

  • सीएचएसएल: कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल
  • सीजीएल: कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल
  • जेई:  जूनियर इंजीनियर
  • स्टेनो: स्टेनोग्राफर

एग्जाम्स की तैयारी

अगर “आप” पहली बार एसएससी एग्जाम्स में बैठने की तैयारी कर रहे हैं तो भी आपको घबराने की जरूरत नहीं है। हम आपको बताएंगे कि परीक्षा की तैयारी किस तरह करना है। एसएससी की परीक्षा से जुड़ी तमाम तरह की जानकारी आपको दी जाएगी।

पैटर्न को समझें

अभ्यर्थियों के लिए जरूरी है कि सबसे पहले एग्जाम के पैटर्न को समझें। सिलेबस को समझें। एग्जाम फार्मेट से जुड़े नोट्स तैयार करें। सिलेबस की जानकारी हासिल करें। बिना सिलेबस तैयार करे परीक्षा को क्लियर करना मुश्किल है।

टाइम टेबल बनाएं

एसएससी की परीक्षा क्लियर करने के लिए जरूरी है कि सबसे पहले टाइम टेबल तैयार किया जाए। आधी-अधूरी तैयारी और बेतरतीब ढंग से की गई पढ़ाई असरदार नहीं होगी। ऐसा करने से अभ्यर्थी भटक सकते हैं। परीक्षा पास करना मुश्किल हो जाएगा। अगर आपको लगता है कि दिन में छह घंटे की पढ़ाई काफी है तो इन छह घंटों को रात और दिन के अलग-अलग पहर में बांट लें। इससे दिमाग में फ्रेशनेस बरकरार रहती है।

अखबार पढ़ने की आदत डालें

एसएससी परीक्षा की तैयारी में जुटे अभ्यर्थियों के लिए जरूरी है कि अखबार पढ़ने की आदत डालें। करंट अफेयर्स के लिए अखबार की स्टडी बेहद अहम है। भारत सहित पूरी दुनिया में क्या हो रहा है? प्रदेश और अलग-अलग शहरों से जुड़ी चीजें अखबारों में छपती हैं, जो आपको तैयारी करने में मदद दे सकती हैं।

इंटरनेट पर भी सर्च करें

अखबार चूंकि स्थानीय घटनाओं को ज्यादा तवज्जो देने लगे हैं, इसलिए आपको इंटरनेट की दुनिया से जुड़े रहना होगा। अब चूंकि ढेर सारे ऑनलाइन पोर्टल आ गए हैं, जो आपको दुनिया भर की खबरों से रूबरू कराते हैं, इसलिए इंटरनेट फ्रेंडली रहना जरूरी है।

हालांकि ऑफीशियल और ऑथेटिंक साइट्स से मिली जानकारी पर ही ज्यादा ध्यान दें। इंटरनेट पर ऐसी ढेर सारी एप्लीकेशन हैं, जो परीक्षा के लिए मॉक टेस्ट लेती हैं, जिसका हिस्सा बनकर आप अपनी तैयारी का आकलन आसानी के साथ कर सकते हैं।

एसएससी के सिलेबस

एसएससी परीक्षा में चार विषयों पर आधारित सवाल पूछे जाते हैं। आपको इन सभी चार विषयों की जानकारी होनी चाहिए। अगर इन विषयों पर पकड़ बना लिया तो एसएससी की परीक्षा क्लियर करना आसान हो जाएगा। सभी विषयों के पैर्टन को समझना भी जरूरी है।

 रीजनिंग पर फोकस करें

एसएससी की परीक्षा क्लियर करने के लिए रीजनिंग पर ध्यान देना जरूरी है। रीजनिंग के लिए बाजार में ढेर सारी किताबें हैं, जिन्हें आप खरीद सकते हैं। परीक्षा में आमतौर पर पिछले दस साल के घटनाक्रम पर फोकस किया जाता है। इसलिए आप ऐसी किताबें हासिल कर सकते हैं, जिनमें रीजनिंग से जुड़े पिछले दस साल के प्रश्नपत्र शामिल हों।

अंग्रेजी सामान्य

एसएससी परीक्षा पास करने के लिए अंग्रेजी का ज्ञान होना जरूरी है। परीक्षा में अंग्रेजी सामान्य से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। पूरा फोकस ग्रामर पर होता है। रिक्त स्थान को भरना, वाक्य में गलती ढूंढना, पर्यायवाची, मुहावरे, वाक्यांश, वाक्य में सुधार करना, प्रीपोजीशन का इस्तेमाल करना, कंजक्शन से जुड़ी चीजों को ठीक करना होता है। अंग्रेजी का ज्ञान बढ़ाने के लिए क्लासेज कर सकते हैं। यहां व्याकरण के साथ स्पोकन पावर भी दुरुस्त हो सकती है, जो सर्विस के बाद हमेशा काम आती रहेगी। अंग्रेजी के अखबार पढ़ने के साथ ही इंग्लिश मूवी भी देख सकते हैं। इंटरनेट पर अंग्रेजी से जुड़े ढेर सारे एप मौजूद हैं, जहां अंग्रेजी को समझने का मौका मिल सकता है।

संख्यात्मक अभियोग्यता

यह विषय आपके जेहनी स्तर को चेक करने के लिए होता है। इसमें नंबर सिस्टम, बीजगणित, रेखागणित, क्षेत्रमिति, त्रिकोणमिति, सांख्यिकी चार्ट जैसी चीजों पर ध्यान देना होगा। संख्यात्मक अभियोग्यता से जुड़े इन सभी विषयों की जानकारी अच्छी तरह होनी चाहिए। छात्रों को स्कूल टाइम में ये सभी चीजें पढ़ाई जाती हैं। उन्हें फिर से रीकॉल करने की जरूरत है।

सामान्य जागरूकता

एसएससी परीक्षा में सामान्य जागरूकता से जुड़े सवाल भी पूछे जाते हैं। इसलिए इसे पैटर्न में शामिल किया गया है। इस विषय में देश, दुनिया से जुड़े सामान्य सवाल पूछे जाते हैं, जिनकी जानकारी होना आवश्यक है। इतिहास, संस्कृति, भूगोल के अलावा सामान्य नीति और वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़ी चीजें शामिल हैं।

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नोट: एसएससी की चारों परीक्षाओं के बारे में भी लिखा गया है। जरूरत पड़ने पर इन्हें भी मुख्य आर्टिकल के साथ अटैच किया जा सकता है।

1.सीएचएसएल लेवल

एसएससी की सीएचएसएल लेवल की परीक्षा तीन चरणों में पूरी होती है। टियर वन, टियर टू और टियर थ्री आधारित इस परीक्षा में वही अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं, जो कक्षा 12 की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं। परीक्षा में 18 से 27 साल के अभ्यर्थी हिस्सा ले सकते हैं। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए सरकारी नियमानुसार उम्र में छूट प्रदान की गई है।

टियर-1

टियर-1 टाइप परीक्षा में ऑब्जेक्टिव सवाल पूछे जाते हैं। अभ्यर्थियों को एक घंटे का समय दिया जाता है। परीक्षा में 100 प्रश्न पूछे जाते हैं। सभी प्रश्न दो-दो अंकों के होते हैं। इसमें निगेटिव मार्किंग भी होती है। अगर जवाब गलत हुए तो नंबर काट लिए जाएंगे। परीक्षा कंप्यूटर आधारित होती है।

सिलेबस क्या है

  • रीजनिंग
  • अंग्रेजी सामान्य
  • सामान्य जागरूकता
  • संख्यात्मक अभियोग्यता

टियर-2

टियर-2 टाइप परीक्षा में अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा देनी होती है। 100 अंकों की इस परीक्षा में 200 शब्दों पर आधारित एक निबंध और 150 शब्दों पर आधारित एक पत्र लिखना होता है। अभ्यर्थियों के लिए जरूरी है कि वे इसमें वर्तनीय गलती न करें।

टियर-3

टियर-3 चरण की परीक्षा में टाइपिंग टेस्ट लिया जाता है। कंप्यूटर की जानकारी से जुड़े सवाल भी पूछे जाते हैं। इसलिए जरूरी है कि एसएससी की तैयारी के लिए अभ्यर्थियों के पास कंप्यूटर का बेसिक ज्ञान होना चाहिए। अंग्रेजी टाइपिंग के लिए एक मिनट में 35 शब्द लिखने होते हैं, जबकि हिंदी टाइपिंग के लिए एक मिनट में 30 शब्द लिखने की अनिवार्यता है। टाइपिंग नियमों में समयानुसार बदलाव संभव है। उम्मीदवारों के लिए जरूरी है कि टाइपिंग स्पीड को मेंटेन करें।

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2. एसएससी सीजीएल 

एसएससी सीजीएल का फुल फार्म कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल है। एसएससी यानी कर्मचारी चयन आयोग सीजीएल एग्जाम को कंडक्ट कराता है। इस परीक्षा में वही अभ्यर्थी बैठ सकते हैं, जो स्नातक परीक्षा पास कर चुके हैं। परीक्षा में बैठने की उम्र 18 से 27 साल के बीच होनी चाहिए। एसएससी एग्जाम्स के पैटर्न में सीजीएल सबसे बड़ी परीक्षा मानी जाती है। सीजीएल को क्लियर करने के बाद अभ्यर्थियों की नियुक्ति भारत सरकार के मंत्रालयों और अधीनस्ध कार्यालयों में भी की जाती है।

पदों पर नियुक्ति

एसएससी सीजीएल लेवल क्लियर करने के बाद सफल अभ्यर्थियों को सेंट्रल डिपार्टमेंट से जुड़े आयकर निरीक्षक, केंद्रीय उत्पादक शुल्क निरीक्षक, लेखाकार यूडीसी कर सहायक, लेखाकार और जूनियर लेखाकार, सीएनबी उप निरीक्षक, संकलन डिविजनल लेखाकार, सीबीएन निरीक्षक पद पर तैनात किया जाता है।

दूसरों पदों पर भी तैनाती

इसी तरह सीजीएल लेवल क्लियर करने के बाद अभ्यर्थियों को सहायक प्रवर्तन अधिकारी, पद निरीक्षक, परीक्षार्थी निरीक्षक, निवारक अधिकारी निरीक्षक आदि पदों पर भी तैनाती दी जाती है। इसलिए जरूरी है कि अभ्यर्थियों को परीक्षा पास करने के लिए मेहनत पर ध्यान देना होगा।

एग्जाम का पैटर्न

सीजीएल एग्जाम तीन चरणों में आयोजित किया जाता है। परीक्षा को टियर-1, टियन-2 और टियर-3 श्रेणी में बांटा गया है। टियर वन लेवल की परीक्षा 200 अंक, टियर टू लेवल की परीक्षा भी 200 अंकों की होती है। टियर थ्री लेवल की परीक्षा 100 अंकों की होती है।

टियर-1 के विषय

टियर वन लेवल की परीक्षा 200 अंक की होती है, जिसके लिए दो घंटे का समय निर्धारित किया गया है। परीक्षा में जनरल इंटेलिजेंस, रीडिंग, अंग्रेजी, सामान्य जागरूकता से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं।

टियर -2 के विषय

टियर टू लेवल की परीक्षा में वही अभ्यर्थी बैठ सकते हैं, जो टियर वन लेवल को क्लियर कर चुके हों। यह परीक्षा भी 200 अंकों की होती है, जिसमें मात्रात्मक क्षमताओं और अंग्रेजी विषय से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। सवालों को हल करने के लिए दो घंटे का समय दिया जाता है। इसमें माइनेस मार्किंग भी होती है।

टियर-1 के विषय

टियर थ्री लेवल की परीक्षा में वही अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं, जो टियर टू लेवल की परीक्षा पास कर चुके हों। तीसरे और अंतिम चरण की इस परीक्षा में उम्मीदवार के कंप्यूटर ज्ञान और कौशल परीक्षण का मूल्यांकन होता है। यह परीक्षा साक्षात्कार पर आधारित है।

परीक्षा के लिए समय

एसएससी द्वारा आयोजित सीजीएल टियर थ्री लेवल की परीक्षा आमतौर पर जून या जुलाई में आयोजित की जाती है। अभ्यर्थियों को इसके लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहिए। चूंकि यह परीक्षा इंटरव्यू यानी साक्षात्कार पर आधारित है, इसलिए अपने व्यक्तित्व को ठीक करने की जरूरत है।

3. एसएससी जेई

एसएससी एग्जाम्स के चार लेवल हैं, जिसमें एसएससी जेई भी शामिल है। एसएससी जेई के लिए आपकी योग्यता क्या होनी चाहिए। एग्जाम का पैटर्न क्या है। सिलेबस पर कैसे ध्यान दें और इसके लिए आवेदन कैसे करें? इस तरह के तमाम पहलु हैं, जिनको लेकर अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति रहती है। हम आपको इन सभी चीजों के बारे में बताएंगे, जिसकी वजह से एसएससी जेई को समझना आपके लिए आसान हो जाएगा।

परीक्षा के लिए अधिसूचना

जेई एग्जाम का आयोजन एसएससी द्वारा ही किया जाता है। परीक्षा का आयोजन सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, मात्रा सर्वेक्षण और अनुबंध के लिए किया जाता है। परीक्षा के लिए अधिसूचना भी आयोग द्वारा ही जारी किया जाता है।

परीक्षा के लिए पात्रता

कर्मचारी चयन आयोग ने जेई एग्जाम के लिए पात्रता भी तय की है। परीक्षा में सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल करने वाले अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं। परीक्षा दो सेटों में होती है। परीक्षा का पहला पेपर कंप्यूटर मोड में आयोजित होता है, जबकि दूसरा पेपर लिखित परीक्षा से जुड़ा हुआ होता है।

रैंकिंग पर आधारित

एसएससी जेई परीक्षा में बैठने के बाद अभ्यर्थियों को दो पेपर देना होता है। पहला पेपर अधिकतम 200 अंकों का होता है, जबकि दूसरा पेपर अधिकतम 300 अंकों का होता हे। दोनों पेपर को हल करने के लिए दो घंटे का समय दिया जाता है। उम्मीदवारों के चयन के लिए साक्षात्कार की बाध्यता नहीं है। अंतिम चयन रैकिंग पर ही आधारित है।

परीक्षा के लिए योग्यता

जेई यानी जूनियर अभियंता पद के लिए सिविल एंड इलेक्ट्रिकल, सीपीडब्लयूडी सिविल या इलेक्ट्रिक या फिर मैकेनिकल में डिप्लोमा हो। डिप्लोमा केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से ही होना चाहिए। गैर मान्यता प्राप्त संस्थानों से पढ़ाई करने वाले छात्रों को इस परीक्षा में बैठने की अनुमित नहीं दी जाएगी।

आयु सीमा

एसएससी जेई एग्जाम के सीपीडब्ल्यूडी और डाक विभाग में कनिष्ठ अभियंता पद के लिए अभ्यर्थियों की उम्र 18 से 27 साल होनी चाहिए।

एमईएस में जूनियर अभियंता पद की परीक्षा के लिए 30 साल तक की उम्र के अभ्यर्थी भी शामिल हो सकते हैं।

सीडब्ल्यूसी में जूनियर इंजीनियर सिविल एंड मैकेनिकल पद की परीक्षा के लिए 32 साल के अभ्यर्थी भी शामिल हो सकते हैं।

इसी तरह रक्षा मंत्रालय के सीमा सड़क संगठन के लिए अभ्यर्थियों की उम्र 30 साल से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

सरकारी नियमानुसार एससी-एसटी, ओबीसी वर्ग के छात्रों के लिए अलग-अलग वर्गों की परीक्षा में पांच से पंद्रह साल तक की छूट का प्रावधान है।

एग्जाम पैटर्न

एसएससी जेई एग्जाम में दो पेपर होते हैं। पहले पेपर के सवालों को हल करने के लिए एक घंटे का समय दिया जाता है, जबकि दूसरे पेपर के सवालों को हल करने के लिए दो घंटे का समय दिया जाता है। परीक्षा में माइनेस मार्किंग भी होती है। अगर आपने गलत जवाब लिख दिया तो नंबर कट जाएंगे। लिखित परीक्षा ऑफलाइन मोड में होती है। यह परीक्षा अधिकतम 300 अंकों की होती है, जिसके लिए दो घंटे का समय दिया जाता है।

4. एसएससी स्टेनोग्राफर

कर्मचारी चयन आयोग स्टेनोग्राफर की परीक्षा का आयोजन भी करता है। परीक्षा अभ्यर्थियों को केंद्रीय विभागों में तैनाती मिलती है। यह पद दो ग्रेड सी और डी ग्रेड के अंतर्गत है। ग्रेड डी के उम्मीदवार समूह एक्स और समूह वाई के अंतर्गत होते हैं। ग्रुप एक्स में स्टेनोग्राफर मुख्य रूप से दिल्ली स्थित केंद्र सरकार के विभागों में तैनात होते हैं, जबकि समूह वाई में स्टेनोग्राफर भारत भरमें कहीं भी तैनात किए जा सकते हैं। अलबत्ता इनकी तैनाती केंद्रीय विभागों में ही की जाती है।

भाषण लेखन

स्टेनोग्राफर का काम अधिकारियों द्वारा दिए गए भाषण को तैयार करना होता है। सरकारी नोट को तैयारी करने की जिम्मेदारी भी स्टेनोग्राफर के पास हो सकती है। इसलिए स्टेनोग्राफर को भाषण को नोट करने में कुशल होना चाहिए। उनकी स्पीड भी अच्छी होनी चाहिए। अगर स्पीड कम हुई तो भाषण नोट करने में चूक भी सकते हैं।

जनसपंर्क सहायता

स्टेनोग्राफर हर दिन नोट्स तैयार करते हैं। नोट्स सरकारी मुद्दों पर आधारित होते हैं। इसलिए स्टेनोग्राफर जनसंपर्क अधिकारी की सहायता करते हैं। फील्ड में भी वे इस काम को बखूबी अंजाम देते हैं, जिसकी वजह से अधिकारियों को काफी सहूलियतें मिलती हैं। स्टेनोग्राफर नोट्स को जल्दी-जल्दी लिखने में माहिर होते हैं, जिसका फायदा अधिकारियों के साथ ही सरकारी विभागों को भी होता है।

प्रेस कांफ्रेंस ब्रीफिंग

सरकारी अधिकारी, मंत्री और उच्च पदों पर बैठे ब्यूक्रेट्स जब प्रेस कांफ्रेंस करते हैं तो उनके भाषण को तैयार करने की जिम्मेदारी भी स्टेनोग्राफर के पास होती है। आमतौर पर मंत्री हो या फिर ब्यूरोक्रेट्स सभी प्रेस कांफ्रेंस करने से पहले स्टेनोग्राफर के जरिए नोट्स तैयार करा लेते हैं, ताकि प्रेस कांफ्रेंस करते वक्त किसी तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

परीक्षा के लिए आयु सीमा

एसएससी स्टेनोग्राफर पद की परीक्षा में बैठने के लिए अभ्यर्थियों की उम्र कम से कम 18 साल होना चाहिए। अधिकतम उम्र की सीमा 27 साल तय की गई है, लेकिन कुछ मामलों में अभ्यथिर्यों की छूट भी दी गई है। एसएस-एसटी छात्रों के लिए भी उम्र में छूट का प्रावधान है। परीक्षा में बैठने के लिए भारत का नागरिक होना जरूरी है।

टाइपिंग कोर्स कर सकते हैं

अगर आप एसएससी स्टेनोग्राफर लेवल की तैयारी कर रहे हैं तो आप टाइपिंग सीखने के लिए कोर्स कर सकते हैं। एक घंटे की क्लास में आप तेजी से टाइपिंग सीख सकते हैं। कोचिंग में एक महीने के लिए भी कोर्स शुरू किए जाते हैं। रोज प्रेक्टिस भी करना होगा। तेजी से भाषण तैयार करने की आदत भी हो, ताकि फील्ड में आपको किसी भी तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

Munendra Singh
Categories SSC

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