सॉवरेन वेल्थ फंड क्या है | What is Sovereign Wealth Fund in Hindi

सॉवरेन वेल्थ फंड (Sovereign Wealth Fund) क्या होता है

आर्थिक सुस्ती से निपटने के लिए सॉवरेन वेल्थ फंड असरदार भूमिका निभा सकता है। इस फंड का इस्तेमाल कर न सिर्फ देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सकता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर निवेश को भी बढ़ाया जा सकता है। यही वजह है कि कई छोटे-बड़े देश सॉवरेन वेल्ड फंड बना रहे हैं। उन्हें इसका फायदा भी मिल रहा है। इस आर्टिकल में सॉवरेन वेल्थ फंड (Sovereign Wealth Fund) के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। किसी भी देश की अर्थव्यवस्था पर इसका क्या असर पड़ रहा है, इससे जुड़े जरूरी पहलुओं को भी साझा किया जाएगा। पूरी जानकारी हासिल करने के लिए आर्टिकल को आखिरी तक जरूर पढ़ें।

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सॉवरेन वेल्थ फंड का उद्देश्य

दुनिया के ज्यादातर देश आर्थिक सुस्ती की मार झेल रहे हैं। आर्थिक सुस्ती से निपटने के लिए ही सॉवरेन वेल्थ फंड पर जोर दिया जा रहा है। इस फंड को तैयार करने के लिए सरकार की भूमिका अहम है। यानी सरकार को उद्योग घरानों और प्रोडक्ट को विदेशों में निर्यात करने वाली कंपनियों पर ही निर्भर नहीं रहना चाहिए। फॉरेन कंरेंसी को बढ़ाने के लिए कुछ देश अपने यहां निवेश को बढ़ावा दे रहे हैं। विदेशी कंपनियों द्वारा निवेश करने पर देश की आर्थिक स्थिति में बदलाव संभव है, लेकिन जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक सुस्ती रहती है तो निवेश कम हो जाता है। यही वजह है कि ज्यादातर सरकारें खुद एक फंड तैयार कर रही हैं, जिसका इस्तेमाल निवेश के लिए किया जा रहा है।

सॉवरेन वेल्थ फंड कितने है

दुनियाभर में 50 से भी ज्यादा सॉवरेन वेल्थ फंड हैं। चीन, सिंगापुर, सऊदी अरब, नॉर्वे, रूस, कुवैत आदि चुनिंदा देश हैं, जिन्होंने सॉवरेन वेल्थ फंड तैयार कर रखा है। माना जाता है कि इनके पास सॉवरेन वेल्थ फंड के रूप में करीब तीन लाख करोड़ डॉलर हैं। वैश्विक आर्थिक माहौल में यह फंड असरदार भूमिका निभा रहा है। यूरोप और अमेरिका के कई देश भी अब सॉवरेन वेल्थ फंड बनाने की तैयारी कर रहे हैं। सकारात्मक असर देखने के बाद सॉवरेन वेल्थ फंड तैयार करने का चलन और बढ़ सकता है।

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सॉवरेन वेल्थ फंड के जरिए कर रहे निवेश

खाड़ी देशों में मुख्य रूप से शामिल सऊदी अरब, यूएई और कुवैत सॉवरेन वेल्थ फंड के जरिए विदेशों में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहे हैं। एशियाई देशों में शामिल चीन और सिंगापुर भी सॉवरेन वेल्थ फंड का इस्तेमाल विदेशों में निवेश के लिए कर रहे हैं। इसी तरह यूरोपीय देश रूस और नॉर्वे ने भी 2018-19 में सॉवरेन वेल्थ फंड के जरिए विदेशों में बड़े पैमाने पर निवेश किया है। इसमें मुख्य रूप से क्रूड ऑयल के क्षेत्र में निवेश कर करोड़ों डॉलर की राशि जुटाई गई है।

भारत में भी एसडब्ल्यूएफ की जरूरत

भारत में फिलहाल सॉवरेन वेल्थ फंड पर ध्यान नहीं दिया गया है। हालांकि यह माना जा रहा है कि भारत सरकार जल्द ही इसपर कोई फैसला ले सकती है। आर्थिक मामलों के जानकार भी मानते हैं कि भारत के पास सॉवरेन वेल्थ फंड होना चाहिए। चूंकि वैश्विक अर्थव्यवस्था का स्वरूप बदल रहा है और इसमें नई विशेषताएं जुड़ रही हैं, इसलिए विकास दर को बढ़ाने के लिए सॉवरेन वेल्थ फंड पर काम किया जा सकता है। यह भारत के लिए जरूरी है। अगर भारत सॉवरेन वेल्थ फंड तैयार कर विदेशों में निवेश के लिए बाजार में उतरता है तो विकास दर को 8 फीसदी तक आसानी के साथ पहुंचाया जा सकता है। कुछ लोग यह भी मानते हैं कि भारत सॉवरेन वेल्थ फंड के जरिए मौजूदा 300 अरब डॉलर से ज्यादा विदेशी मुद्रा भंडार तैयार किया जा सकता है। यानी इससे ज्यादा रिटर्न हासिल किया जा सकता है।

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सॉवरेन वेल्थ फंड के तहत अर्थव्यवस्था को स्थिर करने में मदद मिलती है

सॉवरेन वेल्थ फंड के जरिए देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने में मदद मिलती है। चूंकि यह आमतौर पर पूंजी के प्रवार को संतुलित करता है, इसलिए इसके जरिए आर्थिक सुस्ती को दूर किया जा सकता है। अलबत्ता यह फंड निजी और सार्वजनिक भागीदारी पर आधारित होना चाहिए। इसके लिए विकास दर को बढ़ाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने की जरूरत पड़ती है। क्षेत्रों की विकास दर को बढ़ाने के बाद ही देश की विकास दर को बढ़ाया जा सकता है। सॉवरेन वेल्थ फंड के जरिए ज्यादातर क्षेत्रों को खुद की विकास दर को बढ़ाने में मदद मिलती है।

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सॉवरेन फंड के एसेट्स में बढ़ोतरी

भारत भले ही सीधे तौर पर सॉवरेन वेल्थ फंड के जरिए विदेशी निवेश न कर रहा हो, लेकिन भारतीय बाजार में निवेश के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय शेयर बाजार में सॉवरेन वेल्थ फंड के जरिए निवेश में करीब 14 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 14 फीसदी की बढ़ोतरी के हिसाब से यह रकम करीब 1 लाख 74 करोड़ रुपये है। जबकि 2014 में यह 1 लाख 53 करोड़ थी। अबूधाबी ने सॉवरेन वेल्थ फंड के जरिए बड़ा निवेश किया है। यानी मार्केट में रिटर्न की स्थिति खराब होने के बाद भी सॉवरेट वेल्थ फंड के एसेट्स में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिसे सकारात्म्क रूप में देखा जा रहा है।

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Munendra Singh

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