बचत बैंक खाता (Saving Account) क्या है | SB में कितना पैसे जमा कर सकते है (नियम)

Saving Account

राष्ट्रीय या प्राइवेट बैंकों में उन खाताधारकों की संख्या सबसे ज्यादा है, जिनके पास बचत खाता यानी सेविंग अकाउंट है। लोग अपनी जमापूंजी को सुरक्षित करने के लिए सेविंग अकाउंट (Saving Account) का इस्तेमाल करते हैं। बैंकों ने इस तरह के अकाउंट होल्डर्स के लिए नियमों में कई तरह की छूट भी दी है। उनके लिए एक बार में पैसे जमा करने के लिए लिमिट भी तय की गई है। इस आर्टिकल में बचत बैंक खाता के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। एक बार में कितने पैसे जमा कर सकते हैं, इसकी जानकारी भी दी जाएगी। पूरी जानकारी हासिल करने के लिए आर्टिकल को अंत तक पढ़ें।

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बचत बैंक खाता (Saving Account) किन लोगों का खुलता है

बैंकों में बचत खाता कोई भी खुलवा सकता है। इसके लिए ज्यादा औपचारिकताएं पूरी करने की जरूरत नहीं है। केवाईसी को पूरा करने के बाद लोग आसानी के साथ बैंकों में बचत खाता खुलवा सकते हैं। राष्ट्रीय बैंक हों या फिर निजी बैंक, सभी अपने खाताधारकों को सुविधा देने के लिए बचत खाता खोलते हैं। बचत खाता की खास बात यह है कि फिक्स्ड डिपॉजिट किए बिना ही जमापूंजी पर ब्याज की रकम भी मिलती है। ब्याज की यह रकम आमतौर पर तिमाही आधार पर मूलधन के साथ जुड़ जाती है।

बचत बैंक खाता में न्यूनतम और अधिकतम राशि की शर्त

सेविंग अकाउंट के साथ न्यूनतम और अधिकतम राशि की शर्त भी होती है। लोगों को बैंकों के तय नियम के हिसाब से न्यूनतम राशि की अनिवार्यता को पूरा करना होता है। इसी तरह बैंकों द्वारा तय अधिकतम राशि के नियम को भी मानना होता है। हालांकि यह बैंकों पर निर्भर है। ज्यादातर बैंकों के अपने-अपने नियम हैं, जिनके आधार पर लोगों से न्यूनमत और अधिकतम राशि की सीमा को मेंटेन कराया जाता है।

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Saving Account में मिनिमम बैलेंस की लिमिट क्या है

सेविंग अकाउंट पर मिनिमम बैलेंस की लिमिट तय की गई है। आमतौर पर ज्यादातर बैंकों में 500 रुपये की जमापूंजी के साथ सेविंग अकाउंट खोल दिया जाता है। वहीं कुछ प्राइवेट बैंकों में 10 हजार रुपये की जमापूंजी के साथ बचत खाता खोलने का नियम है। इसी तरह भारतीय स्टेट बैंक में न्यूनतम बैलेंस की सीमा को बढ़ाकर 3 हजार रुपये कर दिया गया था। यानी लोगों को खाता खुलवाने के लिए बैंक में तीन हजार रुपये जमा करना जरूरी था, लेकिन बाद में इसमें बदलाव करते हुए न्यनतम राशि की सीमा को घटा दिया गया। कुछ बैंकों में 1000 रुपये की जमापूंजी के साथ खाता खोलने का नियम हैं।

Saving Account में अधिकतम राशि की सीमा

बैंकों ने इसी तरह सेविंग अकाउंट होल्डर्स के लिए मैक्सिमम बैलेंस यानी अधिकतम राशि की सीमा भी तय किया है। बचत खाता में आमतौर पर ढाई लाख रुपये से ज्यादा पैसे जमा नहीं किए जा सकते हैं। इस लिमिट को पार करने के बाद लोगों के लिए रिटर्न दाखिल करना जरूरी है। यही नहीं, जमापूंजी के रूप में 3 लाख रुपये जमा करने के बाद खाताधारकों को टैक्स भी देना होगा। टैक्स जमा करने के बाद अधिकतम राशि की सीमा में छूट मिल जाएगी। लोग फिर अपने हिसाब से खाते में पैसे जमा कर सकते हैं। मूल रूप से यही दो नियम हैं, जिन्हें सेविंग अकाउंट होल्डर्स को पूरा करना होता है।

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बचत खता कितने तरह के होते हैं (Type Of Saving Account)

  • सेविंग अकाउंट टैक्सेशन
  • प्रीमियम बचत खाता
  • नो फ्रिल अकाउंट
  • युवा सेविंग अकाउंट
  • सैलरी अकाउंट
  • सेविंग प्लस अकाउंट
  • बेसिग सेविंग अकाउंट
  • चाइल्ड सेविंग अकाउंट

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बचत खता के लाभ

बचत बैंक खाता खुलवाने के कई फायदे हैं। लोगों के पास अपना बैंक अकाउंट हो जाता है। वे सीधे तौर पर बैंकिंग सिस्टम से जुड़ जाते हैं। सरकार की किसी भी योजना का लाभ हासिल करने के लिए अब बैंकों में खाता होना जरूरी है, इसलिए सेविंग अकाउंट होल्डर्स के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ हासिल करना भी आसान है। सबसे बड़ा फायदा यह है कि लोगों की जमापूंजी पूरी तरह सुरक्षित हो जाती है। घरों में पैसे रखने पर चोरी का अंदेशा बना रहता है। लोगों को अपनी जमापूंजी पर ब्याज भी मिलता है। इसके अलावा बैंक पासबुक को अब एक तरह के दस्तावेज के रूप में देखा जा रहा है। योजनाओं के लिए आवेदन करना हो या फिर किसी तरह की परीक्षा में बैठना हो, दस्तावेज के रूप में बैंक पासबुक की मांग की जाती है।

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Munendra Singh

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