मंथली इनकम स्कीम क्या है | POMIS Explained in Hindi

मंथली इनकम स्कीम (MIS) क्या है

मंथली इनकम स्कीम (एमआईएस) एक तरह की सेविंग स्कीम है, जिसमें निवेश कर ब्याज के रूप में हर महीने पैसे हासिल किया जा सकते हैं। यह मुख्य रूप से पोस्ट ऑफिस की स्कीम है, जो आमतौर पर मिडिल और लोअर मिडिल क्लास को लाभांवित कर रही है। इसकी खास बात यह है कि इसमें टीडीएस नहीं लगता है। इस आर्टिकल में मंथली इनकम स्कीम (MIS) एमआईएस के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। मैच्योरिटी, ब्याज और नॉमिनी से जुड़े सभी जरूरी तकनीकी पहलुओं को भी साझा किया जाएगा। पूरी जानकारी हासिल करने के लिए आप आर्टिकल को आखिरी तक जरूर पढ़ें।

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एमआईएस (MIS) के फायदे

मंथली इनकम स्कीम के कई छोटे-बड़े फायदे हैं। इस स्कीम के तहत सिंगल अकाउंट खुलवाने का प्रावधान तो है ही, ज्वाइंट अकाउंट भी खुलवाए जा सकते हैं। वित्तीय संस्थानों में आमतौर पर ज्वाइंट अकाउंट के लिए दो लोगों की जरूरत होती है, लेकिन एमआईसी में दो से ज्यादा यानी तीन लोग एक साथ मिलकर भी ज्वाइंट अकाउंट खुलवा सकते हैं। स्कीम के तहत ब्याज के रूप में मिलने वाले पैसे को सभी के साथ बराबर से शेयर किया जाता है। सिंगल अकाउंट को भी ज्वाइंट अकाउंट में कनर्वट किया जा सकता है।

मंथली इनकम स्कीम के तहत 9 लाख रुपये तक कर सकते हैं निवेश

मंथली इनकम स्कीम (एमआईएस) में अधिकतम 9 लाख रुपये तक का निवेश किया जा सकता है। स्कीम के तहत सिंगल अकाउंट में 1 हजार से लेकर 4 लाख 50 हजार रुपये तक जमा किए जा सकते हैं। इसी तरह ज्वाइंट अकाउंट में 9 लाख रुपये तक डिपॉजिट किए जा सकते हैं। यह योजना मुख्य रूप से रिटायर्ड कर्मचारियों और बुजुर्गों को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है।

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मंथली इनकम स्कीम (MIS) पर ब्याज दर क्या है

एमआईएस के तहत खातों में जमा राशि पर हर महीने ब्याज लागू होता है। यानी निवेशकों को ब्याज के रूप में हर महीने पैसे मिलते हैं, जो उनके लिए काफी राहत की बात यह है। निवेशकों को पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम के तहत जमा राशि पर करीब 6.6 प्रतिशत की दर से ब्याज मिल रहा है। वहीं दूसरी वित्तीय संस्थानों में आमतौर पर प्रति माह ब्याज देने की व्यवस्था नहीं है। बैंकों में ज्यादातर योजनाओं पर तिमाही या फिर सालाना ब्याज देने की व्यवस्था है।

मंथली इनकम स्कीम के लिए एक साल तक पैसे निकालने पर रोक

पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम के लिए कुछ क्लॉज भी तय किए गए हैं। स्कीम के तहत अकाउंट में जमा राशि को शुरुआती एक साल तक नहीं निकाला जा सकता है। वहीं दूसरी तरफ एक से तीन साल के बीच में पैसा निकालने पर जमा राशि से दो प्रतिशत डिटक्ट हो जाएगा। इसी तरह अकाउंट खुलने के तीन साल बाद और मैच्योरिटी से पहले पैसे निकालने पर एक प्रतिशत की कटौती की जाएगी। यह व्यवस्था सिंगल और ज्वाइंट अकाउंट होल्डर, दोनों के लिए की गई है।

मंथली इनकम स्कीम का मैच्योरिटी पीरियड क्या है

पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम (एमआईएस) की दूसरी खास बात यह है कि इसका मैच्योरिटी पीरियड ज्यादा नहीं है। यानी लोग इसमें छोटी अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं। एमआईएस का मैच्योरिटी पीरियड 5 साल है। मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने के बाद इसमें दोबारा निवेश किया जा सकता है। खाताधारक नॉमिनी को भी नियुक्त कर सकते हैं। स्कीम की खास बात यह है कि इसमें टीडीएस नहीं लगता है। हालांकि लोगों को टैक्स में छूट नहीं मिलेगी। यानी मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने के बाद मिलने वाली रकम पर टैक्स देना होगा।

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मंथली इनकम स्कीम के लिए कैसे खुलवाएं खाते

एमआईएस स्कीम में निवेश के लिए पोस्ट ऑफिस में खाता खुलवाना होगा। लोग डाकघर की किसी भी शाखा में पहुंचकर खाता खुलवा सकते हैं। इसके लिए फार्म भरना होगा। फार्म पर सभी जरूरी जानकारी दर्ज करें। नाम, स्थायी या अस्थायी पता, जन्मतिथि आदि के बारे में लिखना होगा। मोबाइल नंबर भी देना होगा। सभी जरूरी जानकारी दर्ज करने के बाद संबंधित दस्तावेजों को फार्म के साथ अटैच करना होगा। अकाउंट ओपन हो जाएगा। इसके बाद अपनी सुविधा के हिसाब से अकाउंट में पैसे डाले जा सकते हैं।

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एमआईएस के लिए जरूरी दस्तावेज

एमआईएस स्कीम में वही लोग निवेश कर सकते हैं, जो मूल रूप से भारत के निवासी हैं। इसके लिए उन्हें जरूरी दस्तावेजों को सबमिट करना होगा। दस्तावेजों के रूप में आधार कार्ड की कॉपी, पैन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट आदि में से किसी एक को फार्म के साथ अटैच किया जा सकता है। इसके अलावा मोबाइल नंबर की जरूरत भी पड़ेगी। अगर ई-मेल आईडी है तो फार्म पर इसका भी जिक्र कर सकते हैं। पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत भी पड़ेगी।

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Munendra Singh

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