माइक्रो फाइनेंस कंपनी क्या है | Micro Finance Company कैसे खोले | रजिस्ट्रेशन | नियम

Micro Finance Company

माइक्रो फाइनेंस कंपनियां आमतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए ऋण की सुविधा उपलब्ध कराती हैं। इसका सीधा संबंध छोटे व्यवसाय या स्मॉल सिगमेंट के बिजनेस से है। माइक्रो फाइनेंस क्षेत्र को पिछले कुछ वर्षों से बढ़ावा मिला है। यह एक तरह के बाजार के रूप में उभरा है, जिसके जरिए आम लोगों की जरूरतें भी पूरी हो रही हैं। इस आर्टिकल में माइक्रो फाइनेंस कंपनियों (Micro Finance Company) या संस्थाओं के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। कंपनी खोलने की प्रक्रिया और रजिस्ट्रेशन नियम के बारे में भी बताया जाएगा। पूरी जानकारी हासिल करने के लिए आर्टिकल को अंत तक पढ़ें।

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माइक्रोफाइनेंस संस्थाएं क्या हैं

माइक्रो फाइनेंस कंपनियों को कंपनी एक्ट 1956 के तहत रजिस्टर्ड किया जाता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) आमतौर पर उन कंपनियों को माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं का दर्जा देती है, जिनकी कुल संपत्ति 5 करोड़ रुपये से कम है। इस तरह की कंपनियों को रजिस्टर्ड करने का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर या निम्न आर्य वर्ग के लोगों को फाइनेंशियली सपोर्ट करना है। यानी उनके लिए लोन या ऋण की व्यवस्था करना है, ताकि वे इन पैसों का इस्तेमाल कर अपना व्यवसाय स्थापित कर सकें।

माइक्रो फाइनेंस कंपनी (Micro Finance Company) के लाभ

  • माइक्रो फाइनेंस कंपनियां कुटीर या लघु उद्योग को स्थापित करने के लिए आम लोगों को ऋण के रूप में धन मुहैया कराती हैं।
  • कारोबार शुरू करने के लिए प्रशिक्षण भी देती हैं। इसके लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाता है।
  • बैंक, बीमा जैसी वित्तीय संस्थाओं के जरिए किस तरह लाभ हासिल किया जा सकता है, इससे संबंधित जानकारी भी मुहैया कराती हैं।
  • आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की अहम भूमिका है।

माइक्रो फाइनेंस कंपनी (Micro Finance Company)की प्रक्रिया

भारत में माइक्रो फाइनेंस कंपनियां आमतौर पर दो प्रणाली के माध्यम से संचालित की जा रही हैं। (1) स्वयं सहायता समूह (एसबीएलपी) (2) माइक्रो फाइनेंस संस्थाएं (एमएपआईएस), स्वयं सहायता समूह यानी बैंक विलेज कार्यक्रम, जो बैंक के नेतृत्व वाली माइक्रो फाइनेंस प्रणाली है। नाबार्ड द्वारा इस प्रणाली को 1992 में शुरू किया गया था। यह सामान्य तौर पर गांव के लिए काम करती है। गांव की 10-15 महिलाओं को एक समूह के रूप में तैयार कर, उनके लिए ऋण की व्यवस्था की जाती है। जबकि माइक्रो फाइनेंस संस्थाएं आमतौर पर शहरी और ग्रामीण इलाकों में रहने वालों, दोनों के लिए ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने का काम करती हैं।

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माइक्रो फाइनेंस के तहत एक लाख रुपये से ज्यादा कर्ज नहीं

वित्तीय संस्थाएं माइक्रो फाइनेंस के तहत कर्ज के रूप में ज्यादा पैसे देने से कतरा रही हैं। उन्होंने इसके लिए एक नियम बनाया है, जिसके तहत ग्राहकों को आमतौर पर कर्ज के रूप में एक लाख रुपये से ज्यादा नहीं दिए जाएंगे। यही नहीं, एक कर्जदार को तीन से ज्यादा कंपनियों या वित्तीय संस्थाओं से ऋण का लाभ नहीं मिल सकेगा। माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं ने इसके लिए नया कोड जारी किया है, जिसे पूरी माइक्रो इंडस्ट्री के लिए लागू किया जा रहा है। संस्थाओं का तर्क है कि यह फैसला सुरक्षा के नजरिए से लिया गया है। इस फैसले की वजह से अब ज्यादा संख्या में लोगों को ऋण उपलब्ध कराया जा सकता है।

Company कैसे शुरू करें

  • किसी भी तरह की कंपनी खोलने के लिए सबसे पहले इसका नाम रखना होगा। इसके बाद कंपनी के नाम पर पैन कार्ड बनवा सकते हैं।
  • कंपनी के लिए कम से कम 2 और ज्यादा से ज्यादा 15 कर्मचारी हो सकते हैं। कंपनी का डायरेक्टर बनने के लिए व्यक्ति की उम्र 18 या इससे ज्यादा होना चाहिए।
  • कंपनी के लिए एक कार्यालय की जरूरत पड़ेगी। कार्यालय ऐसी जगह पर हो, जहां संचार व्यवस्था बेहतर हो। इंटरनेट सुचारू रूप से काम कर करता हो।
  • कंपनी कैपिटल को सरकारी फीस के रूप में समझा जा सकता है। यानी रजिस्ट्रेशन के दौरान सरकारी फीस अदा करना होगा, जो अलग-अलग है।
  • कंपनी खोलने के लिए किसी तरह की शैक्षिक योग्यता की जरूरत नहीं है। सरकार के नियमों को पूरा करने के बाद कोई भी व्यक्ति अपनी कंपनी खोल सकता है।

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कंपनी के लिए जरूरी दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • बैंक अकाउंट
  • एडरेस प्रूफ
  • एनओसी
  • बिजली का बिल
  • रेंट एग्रीमेंट पेपर
  • मोबाइल नंबर
  • ई-मेल आईडी

कंपनी का रजिस्ट्रेशन करने की प्रक्रिया

कंपनी रजिस्ट्रेशन के लिए फार्म INC-29 भरना होगा। फार्म पर सभी जरूरी जानकारी दर्ज करने के बाद उसे दस्तावेजों के साथ अटैच करना होगा। फार्म मिनिस्ट्री ऑफ कार्पोरेट अफेयर्स के पास भेजा जाएगा। फार्म पर दर्ज कंपनी के नाम से अगर पहले से ही कोई कंपनी चल रही है तो संचालक को अपनी कंपनी का नाम बदलना होगा। मंत्रालय एक नाम से दो कंपनी का रजिस्ट्रेशन नहीं करती है। रजिस्ट्रेशन के लिए मिनिस्ट्री ऑफ कार्पोरेट अफेयर्स की ऑफीशियल वेबसाइट www.mca.gov.in पर विजिट कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के लिए 15 से 20 दिन का समय लग सकता है। 

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Munendra Singh

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