उत्तर प्रदेश कन्या विद्या धन योजना | ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (पात्रता व स्कीम की जानकारी)

कन्या विद्या धन (Kanya Vidya Dhan) छात्रवृत्ति योजना

उत्तर प्रदेश में छात्राओं की बेहतरी के लिए ढेर सारी योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के तहत उनकी पढ़ाई का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। इस कड़ी में कन्या विद्याधन योजना शुरू की गई है, जिसके तहत कक्षा 12 की पढ़ाई पूरी कर चुकी छात्राओं के लिए स्कॉलरशिप की व्यवस्था की गई है। इस आर्टिकल में कन्या विद्याधन योजना के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। योजना के लिए पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी भी दी जा रही है। आर्टिकल को अंत तक पढ़ें।

UP Kanya Vidya Dhan Yojana कब शुरू हुई

उत्तर प्रदेश में कन्या विद्याधन योजना को 2004-05 में शुरू किया गया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने इसकी शुरुआत की थी। छात्राओं को उस वक्त स्कॉलरशिप के रूप में 20,000 रुपये दिए जाते थे। 2012 में सपा की दोबारा सरकार बनने के बाद छात्रवृत्ति की रकम को बढ़ाकर 30,000 कर दिया गया था। खास बात यह थी कि इसके लिए मेरिट की अनिवार्यता नहीं थी। 12वीं की परीक्षा पास करने वाली सभी छात्राओं को स्कॉलरशिप दिया जाता था। 2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद इसके साथ मेरिट और सालाना आय के क्लॉज को जोड़ दिया गया।

कन्या विद्या धन योजना (Kanya Vidya Dhan Yojana) के लिए पात्रता

  • कन्या विद्या धन योजना यूपी बोर्ड की छात्राओं के लिए शुरू किया गया है। मदरसा बोर्ड की छात्राओं को भी इसका लाभ मिल सकता है।
  • योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं छात्राओं को मिलेगा, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश की निवासी हैं और उनके पास बोर्ड से जारी प्रमाणपत्र है।
  • परिवार की सालाना आय 35,000 रुपये से ज्यादा नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा हुआ तो छात्रवृत्ति नहीं मिलेगी।
  • योजना का लाभ उन्हीं छात्राओं को मिलेगा, जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रही हैं और उनके पास बीपीएल कार्ड है।
  • कक्षा 12 की पढ़ाई कर चुकी छात्राओं को ही इसका फायदा मिलेगा। छात्रवृत्ति हासिल करने के लिए मेरिट में आना जरूरी है।

Kanya Vidya Dhan Yojana के लाभ

  • यूपी बोर्ड से कक्षा 12 की पढ़ाई पूरी कर चुकी छात्राओं को वजीफे के रूप में 30,000 हजार रुपये दिए जाएंगे।
  • छात्रवृत्ति की रकम सीधे बैंकों में ट्रांसफर की जाएगी। छात्राओं का किसी भी राष्ट्रीय बैंक में खाता होना जरूरी है।
  • छात्राएं इतनी बड़ी रकम का इस्तेमाल उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए कर सकती हैं। विश्वविद्यालय या कॉलेज में दाखिला लेना आसान हो जाएगा।
  • आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से संबंध रखने वाली छात्राओं को इससे काफी मदद मिलेगी। कोचिंग की राह भी आसान हो सकती है।

कन्या विद्या धन योजना का आवेदन करने की प्रक्रिया

  • कन्या विद्याधन योजना के लिए आवेदन फार्म भरना होगा। यह जिम्मेदारी स्कूल की है। स्कूल की तरफ से फार्म भरा जाएगा।
  • फार्म पर संबंधित छात्र का नाम, स्कूल का नाम, गांव, तहसील, मुहल्ला, जिला और प्रदेश का नाम लिखना होगा।
  • सभी जरूरी जानकारी दर्ज करने के बाद दस्तावेजों को आवेदन फार्म के साथ अटैच करना होगा। पासपोर्ट साइज फोटो भी चस्पा होगी।
  • फार्म पूरा होने के बाद डीआईओएस कार्यालय भेजा जाएगा। सभी तरह की जांच पूरी होने के बाद फार्म को आगे बढ़ाया जाता है।

Kanya Vidya Dhan Yojana के लिए जरूरी दस्तावेज

  • छात्रवृत्ति के आवेदन के लिए आधार नंबर होना जरूरी है। छात्राओं को फार्म के साथ आय प्रमाणपत्र को भी अटैच करना होगा।
  • योजना का लाभ लेने के लिए छात्राओं के पास अपना बैंक अकाउंट होना जरूरी है। किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता हो सकता है।
  • छात्राओं के पास 12वीं कक्षा का मेरिट सर्टिफिकेट भी होना चाहिए। योजना का लाभ मेरिट में जगह बनाने वाली छात्राओं को ही मिलेगा।
  • आवेदन फार्म के साथ मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो को भी अटैच करना होगा। अकाउंट में पैसा ट्रांसफर होने के बाद मेसेज भेजा जाता है।

Kanya Vidya Dhan Yojana के बजट में किया गया था इंतजाम

उत्तर प्रदेश में कन्या विद्याधन योजना के लिए बड़ा बजट तैयार किया गया था। 2016 में इस योजना के लिए करीब 270 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया था। इन पैसों से प्रदेश की 90 हजार से ज्यादा छात्राओं को लाभांवित किया गया था। छात्रवृत्ति की रकम भी बैंकों में ही भेजी जाती थी। डीबीटी योजना के तहत इस काम को अंजाम दिया जाता था। प्रदेश की मौजूदा सरकार ने इस योजना के साथ मेरिट और सालाना आय का क्लॉज जोड़ दिया गया है, जिसकी वजह से लाभार्थियों की संख्या कम हो गई है।

Munendra Singh

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