म्यूच्यूअल फण्ड में कैसे निवेश करें | Invest in Mutual Fund Online in Hindi (Guide)

म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) में निवेश कैसे करें

अगर आप शेयर मार्केट के तामझाम से बचकर पैसा कमाना चाहते हैं तो इसके लिए म्यूचुअल फंड में निवेश किया जा सकता है। भारत में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जो शेयर मार्केट में सीधे तौर पैसा लगाने की बजाय म्यूचुअल फंड में निवेश कर रहे हैं। म्यूचुअल फंड में निवेश करना आसान है। कोई भी व्यक्ति ऐसा कर सकता है। इस आर्टिकल में म्यूचुअल फंड और उसमें निवेश करने के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। पूरी जानकारी हासिल करने के लिए आर्टिकल को आखिरी तक जरूर पढ़ें।

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Mutual Fund में ऑनलाइन निवेस के लिए वेबसाइट पर करें विजिट

आप म्यूचुअल फंड की वेबसाइट पर विजिट कर सीधे निवेश प्रक्रिया से जुड़ सकते हैं। निवेश के लिए सलाहाकर की सेवा भी ली जा सकती है। डायरेक्ट प्लान में निवेश करने का फायदा यह है कि लोगों को इसके लिए दलालों को किसी तरह का कमीशन नहीं देना पड़ता है। हालांकि इसकी दूसरी दिक्कत यह है कि लोगों को खुद एक्टिव रहना होता है। म्यूचुअल फंड की स्कीमों और शेयर बाजार पर बारीकी से नजर रखना होता है, जो हर आदमी के लिए आसानी नहीं है।

म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए केवाईसी कंप्लायंट होना चाहिए

म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए आपको केवाईसी कंप्लायंट होना चाहिए। लोग इसके लिए फिजिकल फार्म में केवाईसी संबंधित पूरी औपचारिकताएं पूरी करें। निवेशकों को एक फार्म भरना होगा। फार्म पर सभी जरूरी जानकारी दर्ज करें। मोबाइल नंबर, बैंक अकाउंटर नंबर और ई-मेल आईडी लिखें। फार्म को भरकर उसके साथ जरूरी दस्तावेजों को अटैच करें। दस्तावेज के लिए आधार कार्ड, बिजली बिल, पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक स्टेटमेंट आदि की जरूरत पड़ेगी। फार्म को म्यूचुअल फंड ऑफिस या रजिस्ट्रार के पास जमा किया जा सकता है।

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म्यूचुअल फंड में ऐप के जरिए कर सकते हैं निवेश

म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए ऐप भी लांच किए गए हैं। तकरीबन सभी एएमसीएस ने ऐप लांच किए हैं। इनवेस्टमेंट प्लेटफार्म के भी ऐप आ चुके हैं। ऐप के जरिए डायरेक्ट निवेश किया जा सकता है। ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इसके बाद मोबाइल ऐप पर खुद को रजिस्टर करना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद केवाईसी वेरिफाई करना होगा। इसके बाद निवेश के लिए म्यूचुअल फंड को चुनना होगा। लक्ष्य और अवधिक के हिसाब से ही निवेश करना बेहतर होगा।

म्यूचुअल फंड के जरिए कंपनियों के प्रदर्शन पर नजर

म्यूचुअल फंड के जरिए निवेश का सबसे बड़ा फायदा यह है कि लोगों को शेयर मार्केट पर निगाह रखने में छूट मिल जाती है। म्यूचुअल फंड के जरिए कंपनियों के प्रदर्शन पर नजर रखा जाता है। बाजार में जिस कंपनी का प्रदर्शन अच्छा होता है, स्कीम के तहत उनके शेयर खरीद लिए जाते हैं। इसका फायदा निवेशकों को होता है। म्यूचुअल फंड की ज्यादातर स्कीमों में जोखिम नहीं है। जोखिम और झंझट से बचने के लिए ही ज्यादातर लोग म्यूचुअल फंड के जरिए निवेश करना चाहते हैं।

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म्यूचुअल फंड में सेबी की भूमिका

म्यूचुअल फंड सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) के अंतर्गत पंजीकृत है। सेबी बाजार को नियंत्रित करने का काम करता है। सेबी की दूसरी सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह भी है कि वह लोगों के पैसों को किस तरह सुरक्षित कर सके। कंपनी निवेशकों के साथ किसी तरह का धोखा न कर सके, इसके लिए सेबी सभी छोटी-बड़ी कपंनियों पर नजर रखती है। खासकर उन कंपनियों पर जो शेयर मार्केट में पंजीकृत हैं। यही वजह है कि आम लोगों का भरोसा भी म्यूचुअल फंड की स्कीमों पर बढ़ रहा है |

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म्यूचुअल फंड के चार्ज

म्यूचुअल फंड स्कीम में होने वाले सभी खर्च को एक्सपेंस रेशयो कहते हैं। एक्सपेंस रेशयो के जरिए लोगों को म्यूचुअल फंड के प्रबंधन में प्रति यूनिट खर्च के बारे में आसानी से पता लग जाता है। इसकी गणना भी की जा सकती है। आमतौर पर एक्सपेंस रेश्यो किसी भी म्यूचुअल फंड स्कीम के वीकली नेट एसेट के औसत का 1.5-2.5 होता है। म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले इन चीजों की जानकारी हासिल कर लेना बेहतर है। लोगों को इसकी वजह से निवेश में सहूलियत मिलती है।

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निवेश के लिए कैसे चुनें म्यूचुअल फंड

निवेश के लिए म्यूचुअल फंड का चयन करना होगा। फंड चुनते समय आप अपने लक्ष्य को ध्यान में रखें। जोखिम लेने की क्षमता और समय पर भी ध्यान देना होगा। लक्ष्य आधारित प्लानिंग के लिए वेबसाइट या फाइनेंशियल प्लानर की मदद ली जा सकती है। निवेशक एसेट एलोकेशन प्लान बना सकते हैं। शेयर, गोल्ड और डेट की कैटिगरी में निवेश करना आसान हो जाएगा। निवेश की अवधि अगर 3 साल से कम है तो डेट ओरिएंटेड फंड में जाना चाहिए। 3 से 5 साल के लिए हाईब्रिड फंड में निवेश किया जा सकता है। लक्ष्य 5 से 7 साल में पूरा होता है तो इक्विटी आधारित फंड को चुना जा सकता है।

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Munendra Singh

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