इमरजेंसी क्रेडिट लाइन स्कीम (जीईसीएलएस) क्या है | Emergency Credit Line (GECLS) in Hindi

इमरजेंसी क्रेडिट लाइन (Emergency Credit Line) योजना क्या है

देश में कोरोना वायरस को ध्यान में रखते हुए छोटे-बड़े कारोबारियों को राहत पहुंचाने के लिए इमरजेंसी क्रेडिट लाइन स्कीम की शुरुआत की गई है। बैंक इस स्कीम के तहत रियायती ब्याज दरों पर लोन के लिए पैसे जारी कर रहे हैं। कर्ज वापसी के लिए लंबा वक्त दिया जा रहा है, ताकि एसएमई से जुड़े लोगों को इसकी वजह से किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े। इस आर्टिकल में इमरजेंसी क्रेडिट लाइन स्कीम के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। इससे जुड़े सभी तकनीकी पहलुओं को भी साझा किया जा रहा है। पूरी जानकारी हासिल करने के लिए आर्टिकल को आखिरी तक जरूर पढ़ें।

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इमरजेंसी क्रेडिट लाइन स्कीम के तहत तीन लाख करोड़ रुपये की व्यवस्था

भारत सरकार ने कोरोना वायरस को ध्यान में रखते हुए 20 लाख करोड़ रुपये का राहत पैकेज जारी किया है। इसमें बर्बाद हुए उद्योग घरानों और छोटे-बड़े कारोबारियों को राहत पहुंचाने के लिए करीब तीन लाख करोड़ रुपये की व्यवस्था भी की गई है। इसका फायदा आमतौर पर छोटे और मध्यम स्तर के कारोबारियों को मिलेगा, जो एसएमई की श्रेणी में शामिल हैं। इसमें लघु उद्योग को भी शामिल किया गया है, ताकि छोटे शहरों, और कस्बों-गांवों के कारोबारियों को भी इसका फायदा मिल सके।

इमरजेंसी क्रेडिट लाइन स्कीम के तहत कारोबारियों को मिल रहा है लोन

भारतीय स्टेट बैंक सहित ज्यादातर राष्ट्रीय बैंक इमरजेंसी क्रेडिट लाइन स्कीम के तहत लोन के लिए पैसे जारी कर रहे हैं। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने इसके लिए 200 करोड़ रुपये तक की धनराशि मुहैया कराई है। यह सुविधा फिलहाल 30 जून तक के लिए है। इमरजेंसी क्रेडिट लाइन स्कीम के तहत 12 महीने की अवधि के लिए करीब 7.25 की ब्याज दर के साथ कर्ज दिया जा रहा है। बड़ी संख्या में ऐसे कारोबारी हैं, जिन्होंने एसबीआई के जरिए लोन के लिए आवेदन किया है।

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एमएसएमई को 8 प्रतिशत पर लोन

बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी कोविड-19 के तहत इमरजेंसी क्रेडिट लाइन स्कीम की शुरुआत की है। सीमा के 10 फीसदी तक अतिरिक्त धन मुहैया कराया जाएगा। कॉरपोरेट के लिए ब्याज दर प्रीमियम के बिना 8.15 फीसदी होगी। वहीं इसके लिए एमएसएमई को 8 फीसदी की दर के साथ लोन दिया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने उन व्यापारियों को भी लोन देने का एलान किया है, जो लॉकडाउन से प्रभावित हुए हैं। यह उनकी कार्यशील पूंजी के 10 फीसदी तक दिया जाएगा।

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क्रेडिट लाइन स्कीम के जरिये 20 फीसदी अतिरिक्त क्रेडिट का लाभ

बैंक ऑफ इंडिया ने भी व्यवसाय को बढ़ाने के लिए इमरजेंसी क्रेडिट लाइन स्कीम के तहत लोन जारी करने की व्यवस्था शुरू की है। कॉरपोरेट इसके तहत अपनी मौजूदा कार्यशील पूंजी सीमा पर 20 फीसदी अतिरिक्त क्रेडिट का लाभ उठा सकते हैं। स्कीम के तहत नौकरीपेशा को उनकी अंतिम सैलरी के तीन गुना तक लोन दिया जाएगा। वहीं इंडियन बैंक ने भी लोन की अदायगी के लिए लंबा समय दिया है। बैंक के आला अधिकारियों का तर्क है कि कोरोना वायरस और लॉकडाउन की वजह से एमएसएमई सेक्टर के कारोबारी और उद्योग घराने प्रभावित हुए हैं, जिन्हें लोन की अदायगी के लिए वक्त दिए जाने की जरूरत है। 

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Munendra Singh

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