E-gold (ई-गोल्‍ड) क्या है | How To Buy E Gold in India in Hindi (Guide)

ई-गोल्ड (E-gold) क्या होता है

भारत में गोल्ड की डिमांड कभी कम नहीं हुई। शादी-ब्याह के मौके हों या फिर धनतेरस जैसे पर्व, गोल्ड की खरीद-फरोख्त बड़े पैमाने पर की जाती है। गोल्ड से बने जेवरात के शौकीनों की संख्या भी कम नहीं हैं। महिलाएं तो इसमें आगे हैं ही, रिंग और गोल्ड चेन के जरिए पुरुष भी अपने शौक पूरे करते हैं। यही वजह है कि बाजार में ई-गोल्ड सिस्टम डेवलप किया गया है, ताकि लोग यहां भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा सकें। इस आर्टिकल में ई-गोल्ड (E-gold) के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। गोल्ड को खरीदने या फिर इसमें निवेश करने का तरीका भी बताया जाएगा। पूरी जानकारी हासिल करने के लिए आर्टिकल को आखिरी तक जरूर पढ़ें।

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ई-गोल्ड भौतिक गोल्ड नहीं है

ई-गोल्ड दरअसल एक प्रक्रिया है। नेशनल स्पॉट एक्सचेंज (एनएसई) द्वारा 2010 में ई-गोल्ड लांच किया गया था। यहां कोई भौतिक सोना नहीं होता है। यानी आप पीले धातू के रूप में किसी चीज को खरीद नहीं सकते हैं। निवेश ई-गोल्ड का दूसरा रूप है और सही मायने में इसी उद्देश्य के साथ इस व्यवस्था को लागू किया गया है। सबसे बड़ा फायदा यह है कि ई-गोल्ड भौतिक सोने की तुलना में बहुत कम मूल्य वाले गोल्ड में निवेश करने की अनुमति देता है। इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के जरिए ई-गोल्ड में निवेश किया जा सकता है।

ई-गोल्ड के फायदे

  • ई-गोल्ड के कई छोटे-बड़े फायदे हैं। नेशनल स्पॉट एक्सचेंज (एनएसई) ने गोल्ड की दरों को भारतीय बाजार के अनुरूप रखा है।
  • यानी यह पूरी तरह भारतीय बाजार की दरों पर आधारित है। इसकी दूसरी सबसे बड़ी खास बात यह है कि सोने को छोटे मूल्य वर्ग में भी खरीदा और बेचा जा सकता है।
  • एक या दो ग्राम तक भी सोना खरीदने की व्यवस्था है। अगर किसी ने ई-गोल्ड के जरिए सोने की खरीदारी की है तो वह जरूरत पड़ने पर इसे किसी भी वक्त बेच सकता है।
  • इसमें किसी तरह का जोखिम नहीं है। यानी गोल्ड की शुद्धता को लेकर किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। इसमें पारदर्शिता का पूरा ख्याल रखा गया है।

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ई-गोल्ड के लिए कैसे करें निवेश

इलेक्ट्रॉनिक रूप में ई-गोल्ड की खरीदारी की जा सकती है। इसके लिए इसमें निवेश करना होगा। निवेश के लिए एनएसईएल डीलरों के साथ एक व्यापारिक खाता होना चाहिए। ई-गोल्ड इकाइयों को शेयरों की तरह ही खरीदा और बेचा जा सकता है। यहां ई-गोल्ड की एक यूनिट एक ग्राम सोने के बराबर है। डीमैट के खाते के जरिए ई-गोल्ड को अपने पास रखा भी जा सकता है। लक्ष्य पूरा होने पर एक्सचेंज के माध्यम से सोने की भौतिक डिलेवरी ले सकते हैं। अगर कोई भौतिक डिलेवरी नहीं लेना चाहता है तो वह इलेक्ट्रॉनिक इकाइयों को बेच सकता है। इसे इनकैश किया जा सकता है। इलेक्ट्रॉनिक रूप में सोना खरीदना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसकी सुरक्षा की चिंता नहीं होती है। लोग बेफिक्र होकर इसे खरीद और बेच सकते हैं।

ई-गोल्ड में निवेश के लिए डीमैट खाता जरूरी है

ई-गोल्ड में निवेश के लिए डीमैट खाता होना जरूरी है। डीमैट खाता ओपन करने के लिए एनएसई को जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इसमें आधार कार्ड से लेकर पैन कार्ड और मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी से लेकर पासपोर्ट साइज फोटो तक की डिमांड की जा सकती है। अकाउंट खुलने के बाद ई-गोल्ड में लॉग-इन किया जा सकता है। सप्ताह के दिनों में सुबह 10 से 11: 30 के बीच इसे खरीदा और बेचा जा सकता है। सोने की इकाइयां डीमैट अकाउंट में जमा हो जाती है। यह प्रक्रिया दो-एक दिन में पूरी हो जाती है। इसकी एक और खास बात यह है कि लोग ई-गोल्ड यूनिट को अपने डीमैट अकाउंट में रिडीम के जरिए सोने की भौतिक डिलेवरी भी ले सकते हैं।

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ई-गोल्ड पर शुल्क क्या है

ई-गोल्ड पर शुल्क लिया जाता है। नेशनल स्पॉट एक्सचेंज (एनएसई) ने इसके लिए नियम बनाए हैं। गौरतलब है कि 1 ग्राम सिक्के के रूपांतरण दर के रूप में 100 रुपये, जबकि 8-10 ग्राम सिक्कों के रूपांतरण के रूप में 400 रुपये तक शुल्क लिया जाता है। हालांकि 100 ग्राम के सिक्कों और एक किलो के बार के मामले में एक्सचेंज द्वारा किसी तरह का शुल्क वसूल नहीं किया जाता है। अब यह लोगों पर निर्भर है कि किस यूनिट के रूप में गोल्ड को खरीदना चाहते हैं।

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ई-गोल्ड (E-gold) पर टैक्स में छूट नहीं

ई-गोल्ड पर आमतौर पर किसी तरह के टैक्स से राहत नहीं दी गई है। अगर कोई व्यक्ति ई-गोल्ड को 36 महीने से कम समय के लिए अपने पास रखता है तो अल्पकालिक पूंजी लाभ स्लैब दरों के अनुसार लागू होगा। इसी तरह अगर कोई व्यक्ति ई-गोल्ड को 36 महीने से ज्यादा समय तक अपने पास रखता है तो फिर उसे 10 फीसदी के हिसाब से टैक्स देना होगा। भुगतान के लिए वैट का प्रावधान भी किया गया है। इलेक्ट्रॉनिक इकाइयों को भौतिक सिक्कों में बदलने के लिए वैट के रूप में एक प्रतिशत शुल्क देना होगा। गौरतलब है कि उत्पाद का संग्रहण शुल्क हर महीने 60 पैसे प्रति यूनिट है।

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Munendra Singh

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