दिल्ली कंस्ट्रक्शन मजदूर वेब पोर्टल | ऑनलाइन फ्री रजिस्ट्रेशन (रुपये 5000 प्रतिमाह)

Delhi Construction Worker 5000

देश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामले को लेकर किए गए लॉकडाउन की वजह से मजदूरों की कमर टूट चुकी है। वे सड़कों पर पैदन चलने को मजबूर हैं। मजदूर बड़ी संख्या में बेरोजगार हो चुके हैं। उनके सामने दो जून की रोटी का संकट खड़ा हो गया है। दिल्ली सरकार ने इसको ध्यान में रखते हुए मजदूरों को आर्थिक मदद देने का एलान किया है। इसके लिए दिल्ली कंस्ट्रक्शन मजदूर पोर्टल भी लांच किया गया है, जहां रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इस आर्टिकल में मजदूर पोर्टल के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने का तरीका भी बताया जाएगा। पूरी जानकारी हासिल करने के लिए आर्टिकल को आखिरी तक पढ़ें।

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना क्या है | PMMSY Scheme Explained in Hindi

दिल्ली कंस्ट्रक्शन मजदूर को कितने रूपये का आर्थिक मदद मिलेगा

दिल्ली सरकार मजदूरों को आर्थिक मदद के रूप में पांच हजार रुपये देगी। मजदूरों को इसके लिए कुछ जरूरी औपचारिकताएं भी पूरी करनी होगी। उन्हें सरकार की ओर से जारी दिल्ली कंस्ट्रक्शन मजदूर पोर्टल के तहत ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद वैरिफिकेशन होगा। वैरिफिकेशन में सभी तरह की जानकारी सही पाए जाने के बाद मजदूरों के बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। सरकारी नुमाइंदों के मुताबिक दिल्ली सरकार चाहती है कि ज्यादातर मजदूरों को इस योजना का लाभ मिले।

किन मजदूरों को मिलेगा ये लाभ

  • वर्कर ग्राइंडर्स
  • क्रेन ड्राइवर
  • कांक्रीट मिक्सर वर्कर
  • राज मिस्त्री
  • टाइल्स स्टोन फिटर
  • वेल्डर्स
  • कारपेंटर
  • कुली
  • कंस्ट्रक्शन साइट के गार्ड

मजदूरों को आर्थिक लाभ के लिए प्रमाणपत्र बनवाना होगा

मजदूरों को आर्थिक लाभ हासिल करने के लिए यूनियन या कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक से एक प्रमाणपत्र बनवाना होगा। प्रमाणपत्र में कम से कम 90 दिन के काम का जिक्र रहना चाहिए। यानी इस योजना का फायदा उन मजदूरों को मिलेगा, जो अलग-अलग कंस्ट्रक्शनी कंपनी में काम कर रहे थे और लॉकडाउन की वजह से काम बंद हो गया है। प्रमाणपत्र बनने के बाद ही उन्हें दिल्ली सरकार की ओर से आर्थिक मदद दी जा सकती है।

पशु लोन योजना क्या है | डेयरी फार्म/पशुपालन सब्सिडी पात्रता | फॉर्म डाउनलोड (आवेदन)   

दिल्ली कंस्ट्रक्शन मजदूर पोर्टल के तहत लेबर कार्ड बनेगा

मजदूरों का लेबर कार्ड भी बनाया जाएगा। लेबर कार्ड उन्हीं मजदूरों का बनेगा, जो दिल्ली कंस्ट्रक्शन मजदूर पोर्टल के तहत रजिस्टर्ड होंगे। एक बार लेबर कार्ड बन जाने के बाद मजदूरों को इस योजना का लाभ हासिल करने के लिए बार-बार रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दिल्ली सरकार अगर इसके बाद भी आर्थिक मदद देने का एलान करती है, तो रजिस्टर्ड मजदूरों के बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। उन्हें बार-बार औपचारिकताएं पूरी करने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।

दिल्ली कंस्ट्रक्शन मजदूर पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने की प्रक्रिया

  • कंस्ट्रक्शन मजदूर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। उन्हें सरकार की ऑफीशियल वेबसाइट www.edistrict.delhigovt.nic.in पर विजिट करना होगा।
  • वेबसाइट पर विजिट करने के बाद मजदूरों को होम पेज पर पंजीकरण/रजिस्ट्रेशन के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।
  • पंजीकरण पर क्लिक करते ही एक पेज ओपन हो जाएगा। यहां मांगी गई सभी जानकारी को दर्ज करना होगा।
  • मजदूरों को इसके बाद सभी जरूरी दस्तावेजों को अपलोड करना होगा। इसके बाद सबमिट बटन को दबा सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) क्या है | एनएफएसए फुल फॉर्म | नियम की जानकारी

मजदूर पोर्टल के लिए जरूरी दस्तावेज

  • कंस्ट्रक्शन कंपनी का प्रमाणपत्र
  • आधार कार्ड की कॉपी
  • बैंक अकाउंट या पासबुक की कॉपी
  • एडरेस प्रूफ से जुड़े प्रमाणपत्र
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • वैलिड मोबाइल नंबर

एमएसएमई लोन योजना क्या है | लघु कारोबार लोन योग्यता मानदंड, MSME ऑनलाइन ऋण सुविधा

मजदूर पोर्टल के द्वारा 40 हजार मजदूरों को मिलेगा लाभ

दिल्ली सरकार की आर्थिक मदद योजना का लाभ 40 हजार से ज्यादा मजदूर ले चुके हैं। इससे पूर्व किए गए ऐलान में बड़ी संख्या में मजदूरों ने पोर्टल के तहत रजिस्ट्रेशन कराया था। राज्य सरकार की ओर से मजदूरों के बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए थे। यह स्कीम सिर्फ उन लोगों के लिए है, जो दिल्ली में काम कर रहे हैं या फिर प्रदेश के निवासी हैं। स्टेट गवर्नमेंट की ओर से इसके लिए पूरी गाइडलाइन जारी की गई है। गाइडलाइंस के अनुसार ही मजदूरों को आर्थिक मदद दी जाएगी। दूसरे फेज के लिए शुरू की गई आर्थिक मदद योजना में भी 40 हजार से ज्यादा मजदूरों को लाभांवित किया जाएगा

सार्वजनिक वितरण प्रणाली क्या है | PDS System Explained in Hindi (नियम व कमीया )

Munendra Singh

Leave a Comment

%d bloggers like this: