CVL KRA | सीवीएल केआरए KYC Status Check | वेरिफिकेशन फॉर्म डाउनलोड

सीवीएल-केआरए (CVL KRA) केवाईसी क्या है

भारत में सीवीएल-केआरए दरअसल सभी फंड हाउस, स्टॉकब्रोकर सहित दूसरी तमाम छोटी-बड़ी एजेंसियों के लिए केवाईसी या इससे संबंधित सेवाएं प्रदान करता है। चूंकि पहले सभी तरह के वित्तीय संस्थानों में केवाईसी सत्यापान के लिए अलग-अलग प्रक्रियाएं थीं, इसलिए इस सिस्टम में एकरूपता लाने के लिए सीवीएल-केआरए पंजीकरण व्यवस्था शुरू की गई है। इस आर्टिकल में सीवीएल-केआरए (CVL KRA) के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। केवाईसी स्टेटस चेक करने का तरीका भी बताया जाएगा। पूरी जानकारी हासिल करने के लिए आर्टिकल को आखिरी तक जरूर पढ़ें।

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सीवीएल-केआरए (CVL KRA) क्या है

सीवीएल-केआरए दरअसल केंद्रीय रूप में सभी तरह के निवेशकों के रिकार्ड अपने पास रखता है। सीवीएल के पास पहले म्यूचुअल फंड उद्योग द्वारा रिकार्ड कीपिंग और कस्टमर प्रोफाइलिंग को संभालने की जिम्मेदारी थी। साथ ही म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए केवाईसी सत्यापान भी किया जाता था। सीवीएल प्रतिभूति बाजार डोमेन में अपनी खासियत पर डिपेंट करता है। यह सभी तरह के डाटा को गोपनीय रखता है। उसकी गोपनीयता को किसी भी कीमत पर भंग नहीं होने देता है। यह एक तरह की पंजीकरण एजेंसी है। यह देश की पहली पंजीकरण एजेंसी थी, जिसने केवाईसी की प्रक्रिया शुरू की थी।

सीवीएल-केआरए का पंजीकरण फार्म

अगर कोई निवेशक सीवीएल-केआरए के जरिए केवाईसी अनुपालन करना चाहता है तो उसे केवीसाई पंजीकरण फार्म भरना होगा। फार्म पर सभी जरूरी जानकारी दर्ज करने के बाद उसके साथ मांगे गए दस्तावेजों को भी अटैच करना होगा। दस्तावेज के रूप में आधार कार्ड और पैन कार्ड की कॉपी की डिमांड की जाती है। पासपोर्ट साइज फोटो, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी का जिक्र भी करना होगा। फार्म डाउनलोड करने के लिए निवेशक सीवीएल-केआरए की ऑफीशियल वेबसाइट www.cvlindia.com पर विजिट कर सकते हैं। मध्यस्थों के जरिए भी फार्म को हासिल किया जा सकता है।

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सीवीएल-केआरए का कैसे होता है वेरिफिकेशन

सीवीएल-केआरए दरअसल सभी तरह के दस्तावेजों को संरक्षित करने के लिए सर्वोत्तम प्रौद्योगिकी और सुरक्षा उपायों का इस्तेमाल करता है। सीवीएल-केआरए के साथ पैन आधारित पंजीकरण के लिए केवाईसी फार्म भरना होता है, जिसके लिए हस्ताक्षर की जरूरत भी पड़ती है। इसी तरह एड्रेस और आईडेंटिटी प्रूफ के साथ दस्तावेजों के सत्यापन के लिए लोगों को बैंकों या दूसरे वित्तीय संस्थानों में उपस्थित होना पड़ता है। यहां उनके साथ दस्तावेजों की जांच की जाती है। खास बात यह है कि ई-केवाईसी लोगों को म्यूचुअल फंड में हर साल 50 हजार रुपये तक के निवेश की अनुमति देता है। इसी तरह एएमसी में 50 हजार रुपये से अधिक के निवेश के लिए पैन आधारित केवाईसी या बायोमेट्रिक आधारित केवाईसी की जरूरत पड़ती है।

केवाईसी स्टेटस कैसे चेक करें

केवाईसी स्टेटस चेक करने के लिए लोगों को सीवीएल-केआरए की ऑफीशियल वेबसाइट www.cvlindia.com पर विजिट करना होगा। वेबसाइट पर विजिट करने के बाद लोगों को स्क्रीन पर “केवाईसी पर पूछताक्ष” के नाम से एक ऑप्शन दिखाई देगा, जिसपर क्लिक करना होगा। इसके बाद केवाईसी स्टेटस को आसानी के साथ चेक किया जा सकता है। इसी तरह आधार कार्ड आधारित केवाईसी पंजीकरण के लिए आधार नंबर दर्ज करना होगा। ऐसा करने के बाद ई-केवाईसी की मौजूदा स्थिति के बारे में जान सकते हैं। वहीं पैन आधारित पंजीकरण के लिए पैन नंबर दर्ज करना होगा। पैन नंबर दर्ज करने के बाद इसका स्टेटस भी देखा जा सकता है। इस तरह कोई भी व्यक्ति वित्तीय संस्थानों द्वारा जरूरी केवाईसी की जांच के लिए ऊपर दिए गए स्टेप को फॉलो कर सकता है।

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केवाईसी फार्म में दर्ज विवरण को कैसे बदलें

केवाईसी फार्म में दर्ज विवरण को भी बदला जा सकता है। इसके लिए नए सिरे से केवाईसी फार्म भरने की जरूरत नहीं है। सीवीएल की वेबसाइट पर इसकी व्यवस्था भी की गई है। यहां विजिट करने के बाद केवाईसी के विवरण को आसानी के साथ बदला जा सकता है। निवेशक जिन बिचौलियों के साथ लेन-देन करते हैं, उनके विवरण को दर्ज कराने के लिए परिवर्तन अनुरोध फार्म जमा करना होगा। सीवीएल-केआरए उन सभी बिचौलियों के विवरण को अपडेट कर देता है।

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Munendra Singh

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