करंट अकाउंट क्या होता है | फायदे और नुकसान | Current Account in Hindi

Current Account

बैंकों में करंट अकाउंट खोले जाते हैं। करंट अकाउंट की सुविधा आमतौर पर कारोबारियों के लिए है। यह अकाउंट उन लोगों के लिए ओपन किए जाते हैं, जो बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन करते हैं। सभी राष्ट्रीय और प्राइवेट बैंकों में इस तरह के अकाउंट खोलने की व्यवस्था है। लोग जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अकाउंट खुलवा सकते हैं। इस आर्टिकल में करंट अकाउंट (Current Account) के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। इसके फायदे और नुकसान के बारे में भी बताया जाएगा। पूरी जानकारी हासिल करने के लिए आप आर्टिकल को अंत तक पढ़ें।

पोस्ट ऑफिस से लोन कैसे ले | Post Office Loan Scheme in Hindi (पात्रता और नियम)

करंट अकाउंट (Current Account) के फायदे

  • करंट अकाउंट के कई फायदे हैं। इसमें लेन-देन की कोई लिमिट नहीं है। ट्रांजैक्शन पर किसी तरह का चार्ज नहीं वसूला जाता है।
  • करंट अकाउंट होल्डर जरूरत पड़ने पर डिपॉजिट मनी से ज्यादा पैसे भी निकाल सकते हैं। बैंकों द्वारा इसे बाद में एडजेस्ट कर दिया जाता है।
  • खाताधारकों को जरूरत पड़ने पर बैंकों से आसानी के साथ लोन मिल जाता है। उन्हें इसके लिए ज्यादा औपचारिकताएं पूरी नहीं करना होता है।
  • करंट अकाउंट होल्डर्स को भी एटीएम और नेट बैंकिंग जैसी तमाम सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। बैंकों में उनकी साख बनी रहती है।

करंट अकाउंट (Current Account) के नुकसान

  • करंट अकाउंट यानी चालू खाते में जमापूंजी पर किसी तरह का ब्याज नहीं मिलता है। बैंकों द्वारा तय न्यूनतम राशि की लिमिट को पूरा करना होता है।
  • सेविंग अकाउंट की तुलना में करंट अकाउंट में न्यूनतम राशि की सीमा भी ज्यादा होती है। आमतौर पर 5 हजार रुपये से लेकर 10 हजार रुपये तक की सीमा तय की जाती है।
  • न्यूनतम राशि जमा न होने पर चालू खाताधारकों को अतिरिक्त चार्ज देना होता है। बैंकों ने इसके लिए अलग-अलग चार्ज फिक्स किया है।
  • सरकार की उन योजनाओं का फायदा हासिल नहीं कर सकते हैं, जिसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को लाभांवित किया जाता है।

रेकरिंग डिपॉजिट | Recurring deposit (आवर्ती जमा) क्या है | RD Scheme in Hindi

करंट अकाउंट (Current Account) की अनिवार्यता

अगर आप ने किसी कंपनी की शुरुआत की है। छोटा-बड़ा शोरूम ओपन किया है। किसी तरह का प्रोडक्शन शुरू किया है। बड़ी शॉप का संचालन कर रहे हैं। होलसेल बिजनेस में हैं तो आपको करंट अकाउंट खुलवाना होगा। आमतौर पर कंपनी के रजिस्ट्रेशन के लिए सबसे पहले बैंकों में करंट अकाउंट खुलवाने को कहा जाता है। सरकारों द्वारा यह अनिवार्य किया गया है। करंट अकाउंट होल्डर ही कंपनी, बड़ी शॉप आदि के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। यानी कोई भी ऐसा व्यक्ति, जो सेल टैक्स के दायरे में आता है, उसके लिए करंट अकाउंट खुलवाना जरूरी है।

Current Account कौन लोग खुलवा सकते है

कोई भी व्यक्ति करंट अकाउंट खुलवा सकता है। हालांकि आमतौर पर कारोबारी, बड़े बिजनेस मैन, शोरूम संचालक, बड़े दुकानदार और उद्योग घरानों के लोग ही करंट अकाउंट खुलवाते हैं। करंट अकाउंट के लिए किसी भी राष्ट्रीय या प्राइवेट बैंक का चयन किया जा सकता है। बैंकों के चयन के मामले में उस बैंक को तरजीह देना चाहिए, जिसकी शाखाएं हर छोटे-बड़े शहरों में हैं। खाताधारकों को इससे आसानी होती है। वे कहीं भी रहकर बैंकों द्वारा आसानी के साथ लेनदेन कर सकते हैं।

करंट अकाउंट के लिए बैंकों में संपर्क करें

बैंक का चयन करने के बाद उसकी शाखा में अधिकारियों या फिर कर्मचारियों से संपर्क किया जा सकता है। यहां आपको खाता खुलवाने के लिए एक फार्म भरना होगा। फार्म पर सभी जरूरी जानकारी दर्ज करें। अपना नाम, घर का स्थायी या अस्थायी पता, मुहल्ला, ग्राम, तहसील, जिला और प्रदेश का नाम भी लिखना होगा। फर्म, कंपनी, शोरूम, दुकान आदि का नाम भी लिखना होगा। फार्म पर पासपोर्ट साइज फोटो को चस्पा करने के साथ जरूरी दस्तावेजों को भी उसके साथ अटैच करें। फार्म भरने के बाद उसे संबंधित बैंक कर्मचारियों के पास जमा कर दें।

बचत बैंक खाता (Saving Account) क्या है | SB में कितना पैसे जमा कर सकते है (नियम)

Current Account के लिए जरूरी दस्तावेज

  • पैन कार्ड
  • आधार कार्ड
  • बिजनेस एडरेस प्रूफ
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • वैलिड मोबाइल नंबर
  • करंट ई-मेल आईडी

फिक्स्ड डिपॉजिट | Fixed deposit (सावधि जमा) क्या है | FD कैसे कैलकुलेट करते है 

करंट अकाउंट होल्डर्स को फ्री ट्रांजैक्शन की सुविधा

सेविंग अकाउंट पर जिस तरह पैसों की लिमिट तय की गई है, उसी तरह तय लिमिट के बाद ट्रांजैक्शन पर चार्ज भी किया जाता है। करंट अकाउंट की साथ यह बाध्यता नहीं है। चालू खाताधारक एक दिन में जितनी बार चाहें, लेन-देन कर सकते हैं। उनके लिए किसी तरह की लिमिट तय नहीं की गई है। उन्हें इसके लिए किसी तरह का सुविधा शुल्क भी देना नहीं होता है। करंट अकाउंट होल्डर्स एक बार में जितने चाहें, पैसे निकाल सकते हैं। उन्हें इसके अलावा दूसरी कई तरह की सुविधा भी मिल रही है।

मुद्रास्फीति (Inflation) किसे कहते हैं | Types of Inflation in Hindi (Explained)

Munendra Singh

Leave a Comment

%d bloggers like this: