क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम क्या है | CLSS (सीएलएसएस) Explained in Hindi

क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) क्या है

केंद्र सरकार आम लोगों को घर भी मुहैया करा रही है। घर खरीदने के लिए पैसे की कमी महसूस न हो, इसके लिए सब्सिडी का इंतजाम भी किया गया है। सरकार ने इसको ध्यान में रखते हुए क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (सीएलएसएस) की शुरुआत की है। ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस योजना का फायदा मिल सके, इसलिए इसकी डेडलाइन भी बढ़ा दी गई है। इस आर्टिकल में क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। सब्सिडी के लिए पात्रता क्या होगी, इससे जुड़े पहलुओं को भी साझा किया जाएगा। पूरी जानकारी हासिल करने के लिए आर्टिकल को आखिरी तक पढ़ें।

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क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) की शुरुआत कब हुई थी

केंद्र सरकार ने क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम की शुरुआत 2017 में की थी। यह योजना मिडिल क्लास इनकम वाले लोगों के लिए शुरू की गई थी, जिसे 31 मार्च, 2020 में बंद कर दिया गया था। सरकार ने आम लोगों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए इसकी डेडलाइन को बढ़ाकर 2021 कर दिया है। यही नहीं, सरकार ने आवासीय क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 70 हजार करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मंजूर की है। यह राशि भी क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम के तहत ही खर्च की जाएगी।      

सीएलएसएस योजना का फायदा किनको मिलेगा

केंद्र सरकार ने क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम के लिए पात्रता भी तय की है। इस स्कीम का फायदा फिलहाल उन लोगों को मिलेगा, जिनकी सालाना आय 6 से 18 लाख रुपये के बीच है। सरकारी नुमाइंदों के मुताबिक देश में इस स्कीम के तहत करीब तीन लाख परिवार लाभांवित हुए हैं। लाभार्थियों की संख्या अभी और बढ़ेगी। आवासीय क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर निवेश होने के बाद लोगों का रुझान इस तरफ बढ़ेगा। माना जा रहा है कि इसकी वजह से करीब ढाई लाख परिवार को फायदा होगा। यही नहीं, रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। स्टील, सीमेंट सहित अन्य निर्माण सामग्रियों की डिमांड बढ़ना भी तय है। अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी।

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क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम के तहत होम लोन के लिए प्रोत्साहन

भारत सरकार द्वारा शुरू की गई क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम का मकसद लोगों को होम लोन के लिए प्रोत्साहन देना है। चूंकि देश में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जो घर तो खरीदना चाहते हैं, लेकिन पर्याप्त पूंजी की कमी के कारण ऐसा नहीं कर पाते हैं, इसलिए क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी जैसी स्कीमों के तहत उनके सपनों को पूरा किया जा रहा है। बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे होम लोन के लिए पैसे जारी करें। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा आवेदनों को स्वीकार किया जाए। सरकार भी इसके लिए सब्सिडी देगी, ताकि लोगों को घर खरीदने के लिए पैसों की कमी महसूस न हो।

एमआईजी की दो कैटिगरी

सरकार ने इस स्कीम के लिए मिडिल इनकम ग्रुप (एमआईजी) की दो कैटिगरी बनाई है। जिनकी सालाना आय 6 से 12 लाख रुपये के बीच है, उन्हें एमआईजी-1 कैटिगरी में रखा गया है। इसी तरह जिनकी सालाना आय 12 से 18 लाख रुपये के बीच है, उन्हें एमआईजी-2 कैटिगरी में रखा गया है। दोनों ग्रुप के लिए लोन के अलग-अलग स्ट्रक्चर बनाए गए हैं, जिनके तहत उन्हें लाभांवित किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों को दिशा-निर्देश जारी किया है।

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एमआईजी-1 कैटिगरी

मिडिल इनकम ग्रुप यानी एमआईजी-1 कैटिगरी में शामिल लोगों के लिए इस स्कीम के तहत लोन के रूप में करीब 9 लाख रुपये तक मंजूर किए जा सकते हैं। इसमें ब्याज सब्सिडी करीब 4 फीसदी है। जबकि लोन की अवधि 20 साल निर्धारित की गई है। यानी लोगों को बेहद कम ब्याज दर पर लोन देने की व्यवस्था की गई है। उनके लिए लोन की अदायगी के लिए समय को भी बढ़ा दिया गया है। लोग इस स्कीम के तहत 160 स्क्वायर मीटर कारपेट एरिया में बने घर खरीद सकते हैं।     

एमआईजी-2 कैटिगरी

मिडिल इनकम ग्रुप यानी एमआईजी-2 कैटिगरी में शामिल लोगों के लिए इस स्कीम के तहत लोन के रूप में करीब 12 लाख रुपये तक मंजूर किए जा सकते हैं। इसमें ब्याज सब्सिडी करीब 3 फीसदी है। जबकि लोन की अवधि 20 साल निर्धारित की गई है। यानी लोगों को बेहद कम ब्याज दर पर लोन देने की व्यवस्था की गई है। उनके लिए लोन की अदायगी के लिए समय को भी बढ़ा दिया गया है। लोग इस स्कीम के तहत करीब 200 स्क्वायर मीटर कारपेट एरिया में बने मकान खरीद सकते हैं। उन्हें सरकार और बैंकों के नियमों का पालन करना होगा।

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क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना के लिए पात्रता

  • सरकार ने स्कीम के लिए पात्रता भी तय की है। क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम का फायदा फिलहाल उन्हीं को मिलेगा, जिनके पास शहरी क्षेत्र में पक्के मकान नहीं है।
  • परिवार के किसी भी सदस्य के पास मकान नहीं होना चाहिए। परिवार में पति-पत्नी और आश्रित सदस्य शामिल हैं।
  • पति और पत्नी में से कोई एक या फिर संयुक्त रूप से लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। अलग-अलग आवेदन करने की छूट नहीं है।
  • लाभार्थी परिवार इससे पहले सरकार की किसी भी आवासीय योजना का फायदा न उठा सके हों। ऐसा होने पर आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

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क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना के तहत लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं

भारत सरकार द्वारा शुरू की गई क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम के तहत आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए राष्ट्रीयकृत बैंकों में आवेदन करना होगा। बैंक की किसी भी शाखा में पहुंचकर आवेदन फार्म भर सकते हैं। जरूरी दस्तावेजों को आवेदन फार्म के साथ अटैच कर किसी भी काउंटर पर जमा कर दें। आवेदन स्वीकार कर लिए जाएंगे। जांच के बाद लोन के लिए पैसे जारी कर दिए जाएंगे। सब्सिडी सरकार देगी। बैंकों की ओर से एनएचबी को क्लेम भेजा जाता है। नेशनल हाउसिंग बैंक उस क्लेम की जांच करेगा। जांच में सबकुछ सही पाए जाने के बाद सब्सिडी की रकम आवेदकों के अकाउंट में ट्रांसफर कर दी जाएगी। यह सब्सिडी कम ब्याज दर पर आधारित है।

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Munendra Singh

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