CAGR क्या होता है | सीएजीआर (CAGR) का फुल फॉर्म | सीएजीआर कैसे कैलकुलेट करे

सीएजीआर (CAGR) क्या है

भारत में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जो किसी फंड या स्टाक मार्केट में निवेश तो करते हैं, लेकिन रिटर्न के औसत रेट की जानकारी नहीं रखते हैं। इसकी वजह से उन्हें तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सीएजीआर (CAGR) के जरिए निवेशक रिटर्न को आसानी के साथ कैलकुलेट कर सकते हैं। इस आर्टिकल में सीएजीआर (CAGR) के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। कैलकुलेट करने का तरीका भी बताया जाएगा। पूरी जानकारी हासिल करने के लिए आर्टिकल को अंत तक पढ़ें।

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सीएजीआर का फुल फार्म |CAGR KA FULL FORM

सीएजीआर का फुल फार्म “Compound Annual Growth rate / कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट” है। इसकी वजह से किसी भी तरह के फंड में मिलने वाले रिटर्न को कैलकुलेट करने में मदद मिलती है। स्टाक मार्केट के लिए भी सीएजीआर का बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर आप कहीं निवेश कर रहे हैं तो आपके जरूरी है कि सीएजीआर को किस तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी अहमियत जानने के बाद तमाम तरह की सहूलियतें मिलती हैं।

सीएजीआर (CAGR) का औसत रेट क्या है

सीएजीआर (CAGR) एक औसत रेट है। इसके हिसाब से निवेश तय समय में एक से दूसरी कीमत की तरफ बढ़ता है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई शेयर दो साल में 100 से बढ़कर 121 रुपये का हो गया है तो इसका सीएजीआर 10 प्रतिशत होगा। यानी 100 रुपये के 10 प्रतिशत के हिसाब से एक साल के बाद 110 रुपये और फिर 110 रुपये सालभर बाद 121 रुपये हो जाएगा।

CAGR कितने प्रतिशत के हिसाब से बढ़ता है

  • आमतौर पर ज्यादातर शेयर 10 प्रतिशत के हिसाब से दो साल में औसत गति से बढ़ते हुए 100 से 121 रुपये हो सकता है।
  • मुमकिन है कि शेयर पहले साल में 140 रुपये का हो जाए। जबकि दूसरे में इसमें गिरावट दर्ज की जाए। यह गिरकर 121 रुपये हो सकता है।
  • फिलहाल शुरुआती और लास्ट वैल्यु के हिसाब से शेयर का सीएजीआर एक साल में 10 प्रतिशत ही रहेगा।
  • इस दौरान आमतौर पर किसी तरह के उतार-चढ़ाव पर ध्यान नहीं दिया जाता है। ग्रोथ को स्थिर ही दिखाया जाता है।

सीएजीआर नियमित नहीं रहेगा

किसी भी तरह के फंड में निवेश से पहले उसकी पूरी जानकारी हासिल कर लेना चाहिए। खासकर इस तरह के यूजर, जो सीएजीआर को बेंचमार्क के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। निवेशकों को यह नहीं सोचना चाहिए कि सीएजीआर स्थिर रहेगा। यह समय के साथ मूव करता है।

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सीएजीआर (CAGR) इनवेस्टमेंट पर कुल लाभ

  • सीएजीआर को हमेशा प्रतिशत में ही लिखा जाता है। यह दो या दो ज्यादा साल पर मिलने वाले कुल लाभ का सालाना औसत रेट है।
  • यह एक तरह का फार्मूला है, जिससे निवेशकों को इनवेस्टमेंट पर मिलने वाले लाभ के बारे में आसानी से पता चल जाता है।
  • सीएजीआर के जरिए निवेशकों को यह पता चल सकता है कि इनवेस्ट पर हर साल औसत रेट से कितना लाभ हो रहा है।

CAGR को कैलकुलेट कैसे करें

  • सीएजीआर के जरिए निवेश पर मिलने वाले रिटर्न को कैलकुलेट किया जा सकता है। यह एक आसान प्रक्रिया है।
  • उदाहरण के तौर पर अगर किसी व्यक्ति ने 2015 में म्यूच्यूअल फंड में एक लाख रुपये का निवेश किया था।
  •  पांच साल के बाद जिसकी कीमत बढ़कर एक लाख 50 हजार हो गई है, तो उसका कुल लाभ =150,000-100,000=50,000 होगा।
  • इसी तरह अगर इसे प्रतिशत में कैलकुलेट करें तो उस व्यक्ति को पांच साल में 50 हजार रुपये का लाभ मिला।
  • ऐसे में यह पूरी तरह साफ हो गया है कि उस व्यक्ति का रिटर्न प्रति वर्ष 10 प्रतिशत के हिसाब से बढ़ा था। 

सीएजीआर (CAGR) का उपयोग

सीजीआर को कैलकुलेट करना ज्यादा मुश्किल नहीं है। इसकी गणना की जा सकती है। अगर आपने कुछ विशिष्ट इकाइयां खरीदी हैं और इक्विटी फंड मूल्य में बढ़ोतरी हुई है तो सीएजीआर कैलकुलेटर की मदद से निवेश पर मिलने वाले रिटर्न की दर को आसानी के साथ जाना जा सकता है। सीजीआर कैलकुलेटर के साथ यह पता चल सकता है कि आपका पैसा किस दर से बढ़ रहा है या बढ़ सकता है।

निवेश कब करें

उदाहरण के तौर पर एक व्यक्ति ने इक्विटी फंड में निवेश किया है, जिसका 3.5 और 10 साल का रिटर्न 25, 15 और 10 है। इस औसत दर पर आपका सालाना फंड कितना बढ़ रहा है, सीएजीआर की मदद से इसे कैलकुलेट किया जा सकता है। एक और खास बात यह है कि केवल तभी निवेश करें, जब सीएजीआर आपकी अपेक्षित दर से अधिक या उसके बराबर है।

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Munendra Singh

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