बैंक सखी योजना क्या है | Bank Sakhi Scheme – योग्यता, ऑनलाइन फॉर्म की जानकारी

बैंकिंग कॉरेस्पॉंडेंट सखी योजना क्या होता है

उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं के लिए सखी योजना की शुरुआत की है। महिलाएं बैंकिंग कॉरेस्पॉंडेंट के रूप में काम करेंगी। ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को बैंकिंग सिस्टम से रूबरू कराया जाएगा। लेन-देन करने का तरीका बताया जाएगा। बैंकों में अकाउंट खोलने फायदे भी बताए जाएंगे। सरकार की उन योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी जाएगी, जिसका संबंध डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के साथ है। योजना के तहत महिलाओं को मेहनताना के रूप में पैसे दिए जाएंगे। इस आर्टिकल में बैंक सखी योजना के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। योजना के तकनीकी पहलुओं को भी साझा किया जाएगा। पूरी जानकारी हासिल करने के लिए आर्टिकल को आखिरी तक जरूर पढ़ें।

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58 हजार बैंकिंग कॉरेस्पॉंडेंट सखी की तैनाती

प्रदेश सरकार योजना के तहत स्टेट लेवल पर करीब 58 हजार बैंकिंग कॉरेस्पॉंडेंट महिलाओं की तैनाती करेगी। ज्यादातर महिलाओं की तैनाती ग्रामीण इलाकों में की जाएगी। जबकि कुछ महिलाएं छोटे-बड़े कस्बों में भी काम करेंगी। बैंकिंग सखी महिलाओं को अलग-अलग राष्ट्रीय बैंकों के साथ जोड़ा जाएगा। योजना के तहत ज्यादातर महिलाओं को ग्रामीण बैंकों के साथ अटैच किया जाएगा। तैनाती के बाद महिलाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। बैंकिंग सिस्टम से रूबरू कराया जाएगा, ताकि वे दूसरी महिलाओं को इसके बारे में आसानी के साथ बता सकें।

बैंकिंग कॉरेस्पॉंडेंट सखी योजना के तहत प्रतिमाह 4 हजार रुपये मिलेंगे

प्रदेश सरकार बैंकिंग कॉरेस्पॉंडेंट सखी योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह चार हजार रुपये मेहनताना के रूप में देगी। उनके लिए कमीशन का प्रावधान भी किया गया है। जो महिलाएं टारगेट को पूरा करेंगी, उन्हें कमीशन भी दिया जाएगा। बैंकों में नए अकाउंट होल्डर की संख्या बढ़ाने में योगदान देने वाली महिलाओं को भी कमीशन दिया जाएगा। इसी तरह खाताधारकों को एफडी के लिए प्रेरित करने पर भी बैंकिंग कॉरेस्पॉंडेंट सखियों को कमीशन दिया जाएगा।

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बैंक सखी योजना कब तक जारी रहेगा

प्रदेश सरकार योजना को 6 महीने तक संचालित करेगी। इसके तहत काम करने वाली महिलाओं को भी 6 महीने तक मेहनताना दिया जाएगा। कमीशन के लिए भी यही प्रक्रिया लागू रहेगी। सरकारी नुमाइंदों के मुताबिक यह शुरुआती फेज है। 6 महीना गुजर जाने के बाद सरकार इस योजना की समीक्षा करेगी। अगर जरूरत पड़ी तो योजना के पीरियड को अगले 6 महीने तक के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है। इसी तरह महिलाओं का मेहनताना और कमीशन भी बढ़ाया जा सकता है।

बैंक सखी योजना का उद्देश्य

प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई बैंकिंग कॉरेस्पॉंडेंट सखी योजना के कई उद्देश्य हैं। देश में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस और इसकी रोकथाम के लिए लगाए गए लॉकडाउन की वजह से बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो गए हैं। लघु उद्योग और छोटी-बड़ी फैक्टरियों से जुड़ी महिलाओं का काम भी छिन गया है। सरकार की कोशिश है कि सखी योजना के जरिए महिलाओं को काम से जोड़ा जाए, ताकि उनके लिए आमदनी का जरिया बन सके। योजना शुरू करने का दूसरा मकसद ग्रामीण इलाकों में मौजूद महिलाओं को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ना है। गांवों में बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं हैं, जिनका बैंकों में खाता नहीं है। कुछ ऐसी महिलाएं भी हैं, जिनका खाता तो है, लेकिन वे सुचारू रूप से संचालित करना नहीं जानती हैं। योजना के जरिए इस तरह की महिलाओं को जागरूक भी किया जाएगा।

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डिजिटल डिवाइस का क्या कीमत है

प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई बैंकिंग कॉरेस्पॉंडेंट योजना के तहत काम करने वाली महिलाओं को डिजिटल डिवाइस खरीदने के लिए 5 हजार रुपये दिए जाएंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि महिलाओं के पास उनका मेहनताना डिजिटल मोड के जरिए पहुंच सके। इसका लाभ महिला खाताधारकों को भी मिलेगा। सरकार इस योजना के जरिए बैंकों में लगने वाली लाइनों में कमी लाना चाहती है। महिलाओं को घर बैठे ही लेन-देन की सुविधा मिलेगी, जिसकी वजह से उन्हें आमतौर पर बैंकों के चक्कर काटने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।

बैंक सखी योजना के लिए त्रता और पंजीकरण

प्रदेश सरकार ने फिलहाल बैंकिंग कॉरेस्पॉंडेंट सखी योजना के लिए पात्रता तय नहीं की है। पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने की तारीख का एलान भी नहीं किया गया है। पात्रता के लिए माना जा रहा है कि ग्रामीण इलाकों में रहने वाली महिलाओं को ही इस योजना के तहत जोड़ा जाएगा। महिलाओं के लिए इंटर पास होना जरूरी है। कुछ मामलों में हाईस्कूल पास महिलाओं को भी कंसीडर किया जा सकता है। योजना का लाभ उन्हीं महिलाओं को मिलेगा, जो पूर्ण रूप से उत्तर प्रदेश की निवासी हैं। दूसरी प्रदेश की महिलाएं योजना के तहत आवेदन नहीं कर सकेंगी। इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। सरकार पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने की तारीखों का एलान जल्द ही कर सकती है।

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बैंक सखी योजना के लिए जरूरी दस्तावेज

  • योजना के साथ जुड़ने के लिए महिलाओं को जरूरी दस्तावेजों को पेश करना होगा। योजना के तहत वही महिलाएं आवेदन कर सकती हैं, जिनके पास आधार कार्ड होगा।
  • महिलाओं को बैंक पासबुक भी दिखाना होगा। पहचान पत्र के रूप में पासपोर्ट और वोटर आईडी कार्ड भी दिखाया जा सकता है।
  • एडरेस प्रूफ के लिए बिजली का बिल, टेलीफोन का बिल, राशन कार्ड आदि दस्तावेजों को पेश किया जा सकता है।
  • हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्कशीट की फोटो कॉपी को आवेदन फार्म के साथ अटैच करना होगा। पासपोर्ट साइज फोटो, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी भी जरूरी है।

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बैंक सखी योजना के फायदे

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई बैंकिंग कॉरेस्पॉंडेंट योजना के कई छोटे-बड़े फायदे हैं। महिलाओं को इसकी वजह से जहां अस्थायी रूप से रोजगार मिलेगा, वहीं उनके लिए कमीशन दिए जाने का प्रावधान का भी किया गया है। महिला खाताधारकों को योजना की वजह से बैंकों के चककर नहीं लगाने होंगे। बैंकों से जुड़े कई काम घर पर बैठे-बैठे हो जाएंगे। महिलाओं के अंदर बैंकिंग सिस्टम के प्रति जागरूकता आएगी। उन्हें बैंक की दूसरी तमाम योजनाओं के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। बैंकों द्वारा संचालित सरकार की योजनाओं के बारे में भी बताया जाएगा।  

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Munendra Singh

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