बैंक नौकरी 2020 – 21 | Official Exam Notification for Upcoming Bank Jobs

बैंक परीक्षा भर्ती

बैंकिंग सेक्टर में नौकरी का क्रेज बढ़ा है। पब्लिक सेक्टर के बैंकों के साथ प्राइवेट बैंकों में भी नौकरी के अवसर बढ़े हैं। खासकर उन युवाओं के लिए, जो मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं या फिर कर रहे हैं। इकॉनामिक्स विषय पर अच्छी पकड़ रखने वाले युवाओं की भी बैंकों में डिमांड बढ़ी है। इसके लिए ढेर सारे एग्जाम कराए जा रहे हैं, जिनमें लाखों अभ्यर्थी शामिल होते हैं। हालांकि उन युवाओं के लिए इन परीक्षाओं में सफल होना आसान है, जो लक्ष्य बनाकर सही दिशा में तैयारी करते हैं। इस आर्टिकल में परीक्षाओं की तैयारी से जुड़े पहलुओं को साझा किया जाएगा, ताकि अभ्यर्थियों के लिए यह आसान हो सके।

बैंक की मुख्य परीक्षाएं

पब्लिक सेक्टर के बैंकों में भर्ती के लिए आमतौर पर चार परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है। इसमें मुख्य रूप से एसओ, पीओ, आरआरबी और क्लर्क एग्जाम शामिल हैं। देशभर में आयोजित होने वाली इन परीक्षाओं में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल होते हैं। फ्रेशर भी इन परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं।

सिलेबस क्या है

बैंक की परीक्षाओं में आमतौर पर बेसिक मैथ्स, सामान्य ज्ञान, इंक्लिश और हिंदी लैंग्वेज, कंप्यूटर नॉलेज, रीजनिंग से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। परीक्षा की तैयारी के लिए जरूरी है कि इन विषयों पर फोकस किया जाए।

कंप्यूटर नॉलेज

बैंक की परीक्षाओं की तैयारी के लिए कंप्यूटर की नॉलेज बहुत जरूरी है। बैंकों में ज्यादातर काम कंप्यूटर आधारित ही हैं। ऑनलाइन व्यवस्थाएं भी तेजी से शुरू की जा रही है। इसलिए कंप्यूटर की जानकारी के बिना परीक्षा को पास कर पाना संभव नहीं है। अभ्यर्थी इसके लिए कंप्यूटर की बेसिक जानकारी जुटा सकते हैं।

सामान्य ज्ञान

बैंक की परीक्षाओं की तैयारी के लिए अभ्यर्थी करेंट अफेयर्स पर जोर दे सकते हैं। देश, दुनिया और आसपास घटने वाली घटनाओं पर ध्यान देना जरूरी है। इन घटनाओं से जुड़े नोट्स तैयार किए जा सकते हैं, ताकि परीक्षा के समय मुश्किलों का सामना न करना पड़े। अखबार, मैग्जीन, इंटरनेट के जरिए भी सामान्य ज्ञान को बढ़ाया जा सकता है।

इंग्लिश लैंग्वेज

बैंकों में जॉब के लिए अंग्रेजी जरूरी है। अंग्रेजी के बिना इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है। अंग्रेजी को ठीक करने के लिए कोचिंग की जा सकती है। अखबार, मैग्जीन, इंटरनेट, इंग्लिश मूवीज के जरिए भी अंग्रेजी को ठीक किया जा सकता है। व्याकरण यानी ग्रामर और स्पोकेन दोनों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

संख्यात्मक एप्टीट्यूट

परीक्षाओं में सफल होने के लिए बेसिक मैथ्स की जानकारी जरूरी है। गणित के सवालों को तेजी के साथ हल करने क्षमता होनी चाहिए। दिमाग में ही जोड़, घटाव, भाग, गुणा की प्रेक्टिस करें। लाभ, हानि, आंकड़ा, विश्लेषण, सरलीकरण, औसत, प्रतिशत निकालना, अनुपात और समानुपात का ज्ञान भी होना चाहिए।

रीजनिंग पर कमांड

बैंक पीओ की परीक्षा में रीजनिंग से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। सही दिशा में तैयारी के साथ इसपर कमांड हासिल किया जा सकता है। वर्बल रीजनिंग के लिए दो-एक महीने का समय काफी है। जबकि मशीन इनपुट, आउटपुट, पजल टेस्ट की तैयारी के लिए चार से छह महीने का समय चाहिए।

ऑनलाइन तैयारी भी कर सकते हैं

बैंक एग्जाम्स के लिए ऑनलाइन तैयारी भी की जा सकती है। ऑनलाइन इंस्टीट्यूट से जुड़कर इसकी तैयारी शुरू की जा सकती है। इसके अलावा इंटरनेट पर ढेर सारे पोर्टल मौजूद हैं, जहां बैंक की परीक्षाओं और उनकी तैयारियों के बारे में बताया जाता है। अभ्यर्थी इसके जरिए भी मदद हासिल कर सकते हैं।

शैक्षणिक योग्यता

बैंक की सभी परीक्षाओं के लिए शैक्षणिक योग्यता तय की गई है। पीओ, एसओ, आरआरबी और क्लर्क की परीक्षाओं में वही अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं, जिनके पास किसी भी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय या कॉलेज से स्नातक की डिग्री है। कंप्यूटर, मैनेजमेंट और प्रोफेशनल्स कोर्स करने वालों को इसमें लाभ मिल सकता है।

आयु सीमा

बैंक एग्जाम के लिए आयु सीमा भी तय की गई है। बैंक की ज्यादातर परीक्षाओं के लिए वही अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं, जिनकी उम्र 20 से 30 साल के बीच है। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए उम्र में छूट का प्रावधान है। इसका लाभ हासिल करने के लिए अभ्यर्थियों को आवेदन फार्म के साथ जातीय प्रमाणपत्र भी अटैच करना होगा। 

जरूरी दस्तावेज

  • नागरिकता प्रमाणपत्र
  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाणपत्र
  • वोटर आईडी कार्ड
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  •  पैन कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • शैक्षणिक प्रमाणपत्र

ऑनलाइन आवेदन करें

बैंक की किसी भी परीक्षा के लिए अब ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आईबीपीएस की ऑफीशियल वेबसाइट पर विजिट कर परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन फार्म भरा जा सकता है। अभ्यर्थी यहां नोटिफिकेशन देखते रहें। वैकेंसी के लिए नोटिफिकेशन जारी किया जाता है, जिसमें परीक्षा की डिटेलिंग की जाती है। एडमिट कार्ड, रिजल्ट जारी करने की व्यवस्था भी ऑनलाइन कर दी गई है।

लिखित और इंटरव्यू आधारित होती हैं परीक्षाएं

बैंक की ज्यादातर परीक्षाओं का आयोजन तीन चरणों में किया जाता है। पहले और दूसरे चरणों की परीक्षाएं लिखित आधार पर होती है, जबकि तीसरे चरण में इंटरव्यू का आयोजन किया जाता है। लिखित परीक्षाओं में मैथ्स, रीजनिंग, सामान्य ज्ञान और अंग्रेजी से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं, जबकि इंटरव्यू के जरिए अभ्यर्थियों के मेंटल लेवल, बॉडी लैंग्वेज का परीक्षण किया जाता है। पेपर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में सेट किए जाते हैं। अभ्यर्थी अपनी पसंद के हिसाब से भाषा का चयन कर सकते हैं।

विज्ञापन देखते रहें

बैंकों से जुड़ी भर्ती के लिए अखबारों में विज्ञापन निकाले जाते हैं। अभ्यर्थी अखबार पढ़ने की आदत डालें, ताकि भर्तियों के बारे में पता चल सके। इसके अलावा आईबीपीएस अपनी ऑफीशियल वेबसाइट पर भी विज्ञापन जारी करता है। नोटिफिकेशन के जरिए यह काम किया जाता है।

प्राइवेट बैंकों में भी अवसर हैं

प्राइवेट बैंकों में भी नौकरी के ढेर सारे अवसर प्रदान किए जाते हैं। हालांकि इसके लिए किसी खास पैटर्न में परीक्षा का आयोजन नहीं किया जाता है। भर्ती प्रक्रिया सीधे तौर पर इंटरव्यू आधारित होती है। योग्य उम्मीदवार साक्षात्कार पास कर प्राइवेट बैंकों में नौकरी हासिल कर सकते हैं।

बॉडी लैंग्वेज, लाइफ स्टाइल बदलें

पब्लिक सेक्टर और प्राइवेट बैंकों में जॉब करने के लिए बॉडी लैंग्वेज बेहतर होनी चाहिए। स्मार्ट लुक, कम्यूनिकेशन स्किल, क्लियर प्रोनन्सिएशन के जरिए लोगों को प्रभावित किया जा सकता है। लाइफ स्टाइल बदलने की जरूरत भी है। आधुनिकता के इस दौर में उन युवाओं को पसंद किया जाता है, जो सामंजस्य बैठाने में कामयाब रहते हैं।

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